
बाराबंकी, अमृत विचार। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की पहल पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को कौशल आधारित रोजगार से जोड़ना रहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण और रोजगार के बीच सबसे मजबूत कड़ी है। उद्योग, शिक्षण संस्थान और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से स्थानीय युवाओं को गृह जनपद में ही बेहतर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण से लेकर अप्रेंटिसशिप और स्थायी रोजगार तक सतत व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
125 युवाओं को मिला प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
कार्यशाला में उद्योगों एवं आईटीआई संस्थानों की मैपिंग, रिक्तियों का नियमित संकलन, विशेषज्ञ व्याख्यान, औद्योगिक भ्रमण, अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार मेलों के आयोजन तथा पोस्ट अप्रेंटिसशिप व प्लेसमेंट समिति के गठन जैसी पहलों की जानकारी दी गई। इस दौरान योजना के प्रथम चरण में 125 युवाओं को अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
जिलाधिकारी ने द्वितीय चरण की कार्ययोजना प्रशिक्षण से अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार तक सतत चक्र का भी विमोचन किया। इसके तहत सभी राजकीय आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण से लेकर स्थायी रोजगार तक जोड़ने के लिए व्यवस्थित तंत्र विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, उपजिलाधिकारी फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारी, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।



