बाराबंकी: न्यूज पोर्टल व सोशल मीडिया पर भ्रामक व फर्जी खबरें प्रसारित करने की धमकी देकर ग्राम प्रधानों, कोटेदारों एव अधिकारियो से धन उगाही करने वाले चार तथाकथित पत्रकारों को सफदरगंज पुलिस ने औलिया लालपुर गौशाला के निकट से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. तथाकथित पत्रकार ग्राम प्रधान औलिया लालपुर से गौशाला के नाम पर वसूली करने पहुंचे थे.
बताया जा रहा है कि इन तथाकथित चारों पत्रकारों ने पूछताछ में जनपद गोंडा, बाराबंकी सहित अन्य जनपदो मे कथाकथित पत्रकारों का गैंग बनाकर धन उगाही की बात को स्वीकार किया है. बताते चले विगत पिछले एक पखवारे से खुद को टीवी चैनल का पत्रकार बताकर व्यापारी की दुकान की वीडियोग्राफी करने लगे और गौ आश्रय स्थल प्यारेपुर सरैया, औलिया लालपुर मे ग्राम प्रधान से वसूली का दबाव बनाने लगे ग्राम प्रधानों के विरोध पर कथाकथित पत्रकारों ने रौब मे लेते हुए गौशाला की कमियों को न्यूज चैनल पर चलाने के लिए धमकी देकर प्रताड़ित करने लगे. आरोप है कि खबर न प्रसारित करने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की.
मंगलवार को कथाकथित पत्रकारों के ग्रुप मे शामिल महिला पत्रकार रूबी अवस्थी पुत्री बद्री प्रसाद निवासी पूरे खेमकरन थाना कोतवाली देहात जनपद गोंडा , विशाल गुप्ता पुत्र नत्थू गुप्ता निवासी मझारा थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा, . मनीष कुमार उर्फ सम्राट पुत्र श्रीकृष्ण कुमार मौर्या निवासी बेनीपुर पहुटा इटियाथोक जनपद गोण्डा,. आशीष मिश्रा पुत्र भगवान प्रसाद निवासी बालचन्दपुरवा चन्द्रापुर थाना बजीरगंज जनपद गोण्डा औलिया लालपुर गौश्रय स्थल पहुंचकर एक लाख की पुनः मांग करने लगे ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार हेड कांस्टेबल प्रदीप मिश्रा, हरिकान्त यादव महिला आरक्षी शशिकला ने चारो पत्रकारों से पूछताछ की तो वह अपने पत्रकार होने का कोई प्रमाण पेश नहीं कर सके. जिन्हे हिरासत मे लेकर उनके कब्जे 5 मोबाइल सहित कार को बरामद किया जिसे वह भौकाल बनाने के लिए इस्तेमाल करते थे. अभियुक्त विशाल गुप्ता, मनीष कुमार गैंगस्टर के अभियुक्त है, तथा अभियुक्त विशाल गुप्ता जनपद गोण्डा का हिस्ट्रीशीटर अपराधी भी है.
सूत्रों के मुताबिक विशाल गुप्ता, रूबी अवस्थी का ऐसा आचरण कोई पहली बार सामने नहीं आया है. उसके खिलाफ पहले भी कई बार गोंडा जनपद के विभिन्न थानों में शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं. वह लंबे समय से पत्रकारिता की आड़ में प्रधानों, ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों से अवैध वसूली करता रहा है कई बार तो भीड़ के हत्थे भी चढ़ चुके है और पिटाई भी खा चुके है, लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने या सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर बच निकालते थे.
लोगों का कहना है कि ऐसे फर्जी पत्रकारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह आम जनता को डराने-धमकाने की हिम्मत न कर सके.




