
लखनऊ, अमृत विचार। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 202627 के प्रथम अनुपूरक बजट में प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह व्यवस्था परिवहन निगम को प्रतिकर भुगतान के रूप में दी जाएगी। सरकार ने इसे भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक बताया है।
इसके साथ ही सरकार ने महिला कल्याण विभाग के लिए अनुपूरक बजट में 1,094.40 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाने में किया जाएगा। निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 930 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
इससे पति की मृत्यु के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। वहीं अनाथ एवं विशेष परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के पालनपोषण, शिक्षा और संरक्षण के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 110 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए 54.30 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना के लिए 10 लाख का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि रोडवेज बसों में वरिष्ठ महिलाओं को नि:शुल्क यात्रा सुविधा मिलने से उन्हें धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी यात्राओं में आर्थिक राहत मिलेगी। वहीं महिला कल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट से सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।
महिला कल्याण विभाग के प्रमुख प्रावधान
• महिला कल्याण विभाग: ₹1,094.40 करोड़
• 60 वर्ष से अधिक महिलाओं की रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा: ₹100 करोड़
• निराश्रित महिला पेंशन योजना: ₹930 करोड़
• मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: ₹110 करोड़
• रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष: ₹54.30 करोड़
• मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना: ₹10 लाख


