
रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर अब तटवर्ती गांवों तेजी से नुकसान पहुंचा रहा है। पूरेडलई विकास खंड के खेतासरांय गांव में तेज कटान से सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि और धान की खड़ी फसल नदी की धारा में समा गई। वहीं गुनौली और बांसगांव के किनारे भी जलस्तर बढ़ने के साथ कटान शुरू होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
नदी का बहाव लगातार किनारों को काट रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक हर दिन खेतों का कुछ हिस्सा नदी में समाता जा रहा। किसानों की महीनों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो रही है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक धान की हरियाली थी, वहां अब सरयू की तेज धारा बह रही है। कटान की रफ्तार बढ़ने से कई किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बीच प्रशासन सतर्क
उधर, जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बीच प्रशासन भी सतर्क है। उपजिलाधिकारी बृजेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए पांच नावें संचालित की जा रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त नावों की भी व्यवस्था की जाएगी। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पशुओं के लिए भूसा तथा अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर दी गई है। राजस्व विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।



