Noida News: नोएडा के सेक्टर30 स्थित चाइल्ड पीजीआई अस्पताल परिसर में एक दर्दनाक हादसे ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल के पार्क में खेल रहे एक कर्मचारी के मासूम बेटे को अचानक करंट लग गया. करंट की चपेट में आने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कई बच्चे पार्क में खेल रहे थे. जैसे ही बच्चे को करंट लगा, उसके साथ मौजूद अन्य बच्चों ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने सीधे हाथ लगाने के बजाय बॉल, चप्पल और डंडे की मदद से उसे बिजली के संपर्क से अलग किया. बच्चों की इस समझदारी से मासूम की जान बच सकी, हालांकि वह गंभीर रूप से झुलस गया.
घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कर्मचारियों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला. घायल बच्चे की मां का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन को पहले से पार्क में करंट आने की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद न तो क्षेत्र को बंद किया गया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया. उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था.
बच्चे की मां ने लगाया लापरवाही का आरोप
मां ने संबंधित थाने पहुंचकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत दी है और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. यदि जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही साबित होती है, तो पुलिस संबंधित अधिकारियों या रखरखाव के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ लापरवाही और मानव जीवन को खतरे में डालने से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सकती है. हालांकि, एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
वहीं, चाइल्ड पीजीआई की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हाल के महीनों में इसी अस्पताल में रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें भवन की छत से प्लास्टर गिरने जैसी घटनाएं भी शामिल हैं. फिलहाल सभी की निगाहें बच्चे की हालत, पुलिस की कार्रवाई और अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं.



