
लखनऊ, अमृत विचार: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह में मंच से जिन कमियों को उजागर किया था, उसे लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस बारे में कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव ने सभी जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर निर्माण अधीक्षक डॉ. श्यामलेश तिवारी, चीफ प्रोवोस्ट प्रोफेसर आशीष अवस्थी, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत मिश्रा समेत कई अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा का कहना है कि दीक्षांत से पूर्व जनभवन की टीम ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था। जिसमें उन्हें कई तरह की कमियां दिखीं। जिसे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने मंच से सभी के सामने भी रखा था, उसी के संबंध में सभी जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी कर आख्या मांगी गई है। उनसे प्राप्त जवाब के आधार पर ही जनभवन को जवाब भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि दीक्षांत समारोह के दौरान जब राज्यपाल व कुलाधिपति विश्वविद्यालय की कमियों को उजागर कर रही थी तब विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी सन्न रह गए थे और कुलपति प्रो. जेपी सैनी राज्यपाल की एकएक बात को लिख रहे थे।
राज्यपाल ने मंच से कहा था कि
1मेस शुरू न होने से गोल्डन जुबली और बीरबल साहनी छात्रावास में कुछ छात्र खुद खाना बना रहे थे।
2पांच छात्रावासों में वाशिंग मशीन और 12 छात्रावासों में वाईफाई की सुविधा नहीं है।
3पनीर और दूध के प्रोडक्ट लोकल वेंडर से लिया जा रहा है।
4कंप्यूटर साइंस, वनस्पति विज्ञान विभाग और टैगोर लाइब्रेरी के सामने साफसफाई नहीं है।
5विश्वविद्यालय में स्क्रैप काफी मात्रा में है, इसकी नीलामी होनी चाहिए।
6फायर सेफ्टी के साधन काफी पुराने। अधिकतर साधन की एक्सपायरी डेट हो चुकी है।
7कैंपस में पीने के शुद्ध पानी के लिए आरओ की सुविधा संतोषजनक नहीं है।
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