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AI के डर से लोग बेच रहे थे शेयर, LIC ने मौका देखकर खरीदे और 35 दिन में बना लिए 21,000 करोड़!

शेयर बाजार में अक्सर कहा जाता है कि जब सब डरे हुए हों, तब निवेश का सबसे सही वक्त होता है. भारतीय जीवन बीमा निगम ने बाजार की इस पुरानी कहावत को एकदम सच साबित कर दिखाया है. कुछ समय पहले शेयर बाजार में ये डर बुरी तरह हावी था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारतीय आईटी सेक्टर का पूरा बिजनेस मॉडल ही तबाह कर देगा. इस अनिश्चितता और खौफ के मारे निवेशक तेजी से आईटी कंपनियों के शेयर बेचकर बाहर निकल रहे थे.

AI के डर से लोग बेच रहे थे शेयर, LIC ने मौका देखकर खरीदे और 35 दिन में बना लिए 21,000 करोड़!

लेकिन इसी घबराहट के बीच देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी ने एक बहुत ही शांत और सोचीसमझी चाल चली. एलआईसी ने बाजार के इस डर के विपरीत जाकर दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर भारी मात्रा में खरीदे. सिर्फ 35 दिनों के भीतर एलआईसी ने इन शेयरों से 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमा लिया.

तीन दिग्गज कंपनियों से आया बंपर मुनाफा

ये 3 कंपनियां हैं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज , इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज. जून महीने के आखिर में इन तीनों कंपनियों में एलआईसी के शेयरों की कुल वैल्यू 1.05 लाख करोड़ रुपये थी. लेकिन 4 अगस्त आतेआते यह वैल्यू बढ़कर 1.26 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई. इस मुनाफे में सबसे बड़ा हिस्सा टीसीएस का रहा. टीसीएस में एलआईसी के निवेश की कीमत 8,306 करोड़ रुपये बढ़कर 48,926 करोड़ रुपये हो गई.

इसी तरह, इंफोसिस में किए गए निवेश की वैल्यू 7,213 करोड़ रुपये की छलांग लगाकर 51,117 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. एचसीएल टेक में भी एलआईसी की हिस्सेदारी का मूल्य 5,513 करोड़ रुपये बढ़कर 26,306 करोड़ रुपये हो गया. यह कोई तुक्का नहीं था. एलआईसी ने जून की तिमाही में जानबूझकर इंफोसिस के लगभग 60 लाख शेयर, एचसीएल टेक के करीब 47 लाख शेयर और टीसीएस के 1.45 लाख शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े थे.

एआई का डर साबित हुआ गलत

एलआईसी ने यह खरीदारी उस समय की जब बाजार के जानकारों के बीच एक लंबी बहस छिड़ी हुई थी. लोगों को लग रहा था कि जेनरेटिव एआई के आने से उन कंपनियों का काम छिन जाएगा जो हजारों कर्मचारियों से सॉफ्टवेयर और तकनीकी सेवाएं देती हैं. इसी निराशा की वजह से आईटी शेयरों के भाव काफी नीचे गिर गए थे. लेकिन जून के अंत से निफ्टी आईटी इंडेक्स ने अचानक रफ्तार पकड़ी और इसमें करीब 19 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई.

पूरे प्लान के तहत की गई खरीदारी

बीमा कंपनी ने आंख मूंदकर पूरे आईटी सेक्टर के शेयर नहीं खरीदे. बड़ी कंपनियों के अलावा एलआईसी ने बहुत चुनकर परसिस्टेंट सिस्टम्स के 7.60 लाख और कोफोर्ज के 1.80 लाख शेयर भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए. वहीं दूसरी तरफ, जहां उन्हें लगा कि जोखिम ज्यादा है, वहां से उन्होंने अपना पैसा निकाल लिया. एलआईसी ने विप्रो के 1.40 करोड़ शेयर बेच दिए. इसके अलावा टेक महिंद्रा के 31.54 लाख और ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज के 2.35 लाख शेयर भी बेचे गए.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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