
जालंधर: पंजाब के जालंधर के एक युवक ने रूस भेजने वाले ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि उसे फल तोड़ने की नौकरी, अच्छी सैलरी और बेहतर रहने की सुविधा का लालच देकर रूस भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे घने जंगल के बीच बदहाल हालत में छोड़ दिया गया। अब उसने वीडियो जारी कर अन्य युवाओं से ऐसे एजेंटों से सावधान रहने की अपील की है।
आकाशदीप नाम के युवक ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा करते हुए अपनी आपबीती बताई। उसके मुताबिक वह 15 जून 2026 को दिल्ली से मॉस्को पहुंचा था। उसे जालंधर के एक एजेंट ने भरोसा दिलाया था कि रूस में फल तोड़ने का काम मिलेगा, जहां अच्छी कमाई के साथ रहने और खाने की भी बेहतरीन व्यवस्था होगी।
मॉस्को पहुंचते ही बदल गई पूरी कहानी
युवक का कहना है कि मॉस्को एयरपोर्ट पर एजेंट का एक व्यक्ति उसे लेने आया और वहां से उसे कुछ अन्य भारतीय युवकों के साथ जंगल के बीच एक सुनसान इलाके में ले जाकर छोड़ दिया। उसके अनुसार वहां हरियाणा और राजस्थान के कई युवक भी मौजूद हैं, जिन्हें इसी तरह नौकरी का झांसा देकर रूस बुलाया गया।
टूटे-फूटे कमरे में रहने को मजबूर
आकाशदीप ने बताया कि सभी युवकों को एक छोटे और जर्जर कमरे में ठहराया गया है, जहां करीब 10 लोग एक साथ रहने को मजबूर हैं। रहने की जगह बेहद खराब है और शौचालय की हालत भी दयनीय है। उसने कहा कि जिन सुविधाओं का वादा किया गया था, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
एजेंट पर टूरिस्ट वीजा देने का आरोप
युवक ने दावा किया कि उसे वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन रूस पहुंचने पर पता चला कि उसका वीजा टूरिस्ट श्रेणी का है। जब उसने एजेंट से इस बारे में सवाल किया तो जवाब मिला कि आगे चलकर वीजा बढ़वा दिया जाएगा। बाद में एजेंट ने कथित तौर पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसकी जिम्मेदारी सिर्फ रूस तक पहुंचाने की थी।
‘पैसा नहीं मिला, इसलिए आगे नहीं ले जाएंगे’
आकाशदीप के अनुसार जब उन्होंने वहां मौजूद एजेंट के व्यक्ति से आगे की व्यवस्था के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उसे अभी भुगतान नहीं मिला है। जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक किसी को आगे नहीं भेजा जाएगा। युवक का कहना है कि चारों तरफ जंगल होने के कारण वहां से बाहर निकलना भी आसान नहीं है।
रूस जाने से पहले सोचें, युवाओं से की अपील
वीडियो में युवक ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोई भी सिर्फ एजेंट के भरोसे विदेश जाने का फैसला न करे। उसने दावा किया कि कई भारतीय युवकों को झूठे वादों के जरिए रूस बुलाया जा रहा है और बाद में उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में छोड़ दिया जाता है। उसने सभी युवाओं से पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही विदेश जाने की सलाह दी।
फिलहाल युवक के आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित एजेंट की ओर से भी इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



