
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने कुल 32,701 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इनमें गौबरधन (GOBARdhan) योजना के विस्तार और असम में एक नए चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी शामिल है।
गोबरधन योजना पर 23,731 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार ने संपीड़ित बायो-गैस (CBG) उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य घरेलू स्तर पर स्वच्छ ईंधन का उत्पादन बढ़ाकर प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, योजना छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें उत्पाद की सुनिश्चित खरीद, मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार, ऋण गारंटी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष चैलेंज फंड शामिल हैं।
MSME को मिलेगा लाभ, बढ़ेगा बायोगैस उत्पादन
सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत बायोगैस संयंत्रों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और पाइपलाइन से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। एमएसएमई आधारित परियोजनाओं को ऋण गारंटी और पूंजीगत सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकारी अनुमान के अनुसार अगले दस वर्षों में देश में सीबीजी उत्पादन कई गुना बढ़ेगा, ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा कार्बन उत्सर्जन में कमी और जैविक उर्वरक उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
असम में बनेगा नया चार लेन हाईवे
कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर बाईहाटा चारियाली से मिशन चारियाली (तेजपुर) तक लगभग 135.87 किलोमीटर लंबे चार लेन हाईवे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 8,970 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
यात्रा होगी तेज, रणनीतिक संपर्क मिलेगा मजबूत
सरकार के अनुसार इस हाईवे के बनने से गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच संपर्क बेहतर करने, माल परिवहन को गति देने और तेजपुर जैसे महत्वपूर्ण रक्षा क्षेत्र तक रणनीतिक पहुंच मजबूत करने में मदद करेगी।
परियोजना में आधुनिक निर्माण तकनीक, एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और ओपन टोलिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। इसके अलावा कई बाईपास बनाए जाएंगे, जिससे शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम होने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.



