
प्रमोद पाल, गोरखपुर: 28 जुलाई को गोरखपुर में 10 साल की बच्ची से श्मशान घाट में रेप और फिर उसकी निर्मम हत्या करने वाले सिपाही ने पुलिस रिमांड में रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बताई। पुलिस पूछताछ में आरोपी हत्यारे ने कहा कि वह पुलिस लाइन से ही चाकू लेकर निकला था। उसने पहले से ये तय कर लिया था कि आज किसी लड़की के साथ गलत काम करूंगा।
वारदात वाली रात आरोपी सिपाही अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद जिला अस्पताल पहुंचा। जहां अस्पताल से लौट रही 10 वर्षीय छात्रा को आरोपी सिपाही ने रास्ते में रोका और घर छोड़ने के बहाने अपनी बाइक पर बैठाकर चिउटहा पुल के पास स्थित श्मशान घाट ले गया। जहां उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। लड़की अपनी बड़ी बहन को खाना देकर अस्पताल से घर लौट रही थी।
पत्नी और बच्चों से अलग रहता है आरोपी
बता दें कि आरोपी सिपाही मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह अपनी पत्नी और 2 बच्चों से अलग रह रहा था। उसकी पत्नी 13 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटे के साथ मायके में रहती है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसे लड़कियों और महिलाओं से नफरत थी। लड़कियों को तड़पता-चिल्लाता देखकर उसे अच्छा लगता था।
बेदर्दी से की हत्या
घटना वाले दिन भी श्मशान घाट पर करीब 45 मिनट तक बच्ची दर्द से तड़पकर चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी दरिंदे पर इसका कोई असर नहीं हुआ और वही पर खड़े होकर हंसता रहा। सिपाही ने रेप करने के बाद उसका गला दबाया। फिर चाकू से चेहरा बिगाड़ा। इसके बाद बच्ची के लोअर से डोरी निकाली और उसके हाथ पीछे करके बांध दिए। फिर बच्ची को चिउटहा पुल से नीचे फेंक दिया।
पत्नी-रिश्तेदार बना चुके हैं दूरी
ये बातें रिमांड पर लिए गए सिपाही अभिषेक यादव ने पुलिस को बताईं हैं, जिसे जानकर उसके सहकर्मी पुलिस वाले भी शर्मिंदा है। वहीं, अभिषेक के परिजन भी इस बात से बेहद खफा हैं और उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है। रिश्तेदारों ने भी अभिषेक यादव से दूरी बना ली है। पत्नी पहले ही कह चुकी है कि मुझे शर्म आती है कि वह मेरा पति है।



