
देवा, बाराबंकी: अमृत विचार। इटौंजा से कुर्सी, देवा होते हुए लखनऊ के चिनहट तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना अब तेजी से धरातल पर उतरने लगी है। गुरुवार को राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों पर नंबर अंकित कर उन्हें चिन्हित किया। यह कार्रवाई सड़क निर्माण से पहले प्रभावित परिसंपत्तियों का अंतिम सत्यापन और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए की गई।
करीब 464 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत पूरे मार्ग को 25 मीटर चौड़ा फोरलेन बनाया जाएगा। परियोजना पर लगभग 180 करोड़ रुपये सड़क निर्माण, 150 करोड़ रुपये इंदिरा नहर पर दो फोरलेन पुलों के निर्माण तथा शेष धनराशि बिजली के खंभों, पेड़ों और अन्य अवरोधों को हटाने एवं स्थानांतरित करने पर खर्च की जाएगी परियोजना के तहत इंदिरा नहर पर दो नए फोरलेन पुल बनाए जाएंगे।
इनमें एक पुल माती के पास तथा दूसरा कुर्सी के निकट प्रस्तावित है। पुलों के निर्माण से मार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा गुरुवार को विभागीय टीम ने सड़क के दोनों ओर स्थित प्रभावित भवनों का मौके पर सत्यापन कर उन पर नंबर अंकित किए। इसके बाद नियमानुसार मुआवजा और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
दूसरी ओर, सड़क निर्माण के लिए मार्ग किनारे खड़े पेड़ों की कटाई का कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है, जिससे परियोजना के काम में तेजी आने के संकेत हैं फोरलेन बनने के बाद इटौंजा, कुर्सी, देवा और चिनहट के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। इससे जाम की समस्या में कमी आएगी और बाराबंकी, लखनऊ तथा आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होने के साथ औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजस्व निरीक्षक देवा शिवकुमार ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवनों और अन्य निर्माणों की निशानदेही की जा रही है। चिन्हांकन की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों द्वारा पूरी की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता माता प्रसाद यादव के मुताबिक फोरलेन परियोजना के तहत सड़क को 25 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है और चिन्हांकन के बाद आगे की निर्माण संबंधी प्रक्रिया निर्धारित योजना के अनुसार तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी।


