
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकास को नई रफ्तार देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण आगरा एक्सप्रेसवे के पास वशिष्ठ नगर योजना विकसित करने जा रहा है। करीब 1035 एकड़ क्षेत्रफल में प्रस्तावित यह योजना उप्र स्टेट कैपिटल रीजन के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। यह योजना लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जोड़ने के साथ ही औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगी। इसके तहत आधुनिक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब, बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कई प्रमुख कॉरिडोर से जुड़ेगी योजना
वशिष्ठ नगर योजना को आगरा एक्सप्रेसवे, मोहन रोड, लिंक एक्सप्रेसवे और वरुण विहार योजना जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यहां एक अंतरराष्ट्रीय बस टर्मिनल भी विकसित किया जाएगा, जिससे परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आगरा एक्सप्रेसवे के एक तरफ वरुण विहार और दूसरी तरफ वशिष्ठ नगर योजना विकसित करने की तैयारी है। योजना का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है और इसे मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
एलडीए के अनुसार, वशिष्ठ नगर योजना में विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाएं विकसित होने से बाहरी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एससीआर के विजन को पूरा करने के लिए क्षेत्र में औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, सतत विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की गई है। इसमें आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब, बेहतर रोड नेटवर्क, पर्यावरण संतुलन और मजबूत आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। वशिष्ठ नगर योजना के लिए छह गांवों की करीब 1035 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इनमें रेवरी, भलिया, गहलवारा, आदमपुर इन्दवारा, बहरू, जलियामऊ शामिल हैं।
शासन से मंजूरी मिलने के बाद किसानों से सहमति और अन्य माध्यमों से भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जमीन अधिग्रहण और संकलन पर करीब 1328 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एलडीए का मानना है कि वशिष्ठ नगर योजना लखनऊ के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी और एससीआर को औद्योगिक व आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



