
बिहार के बेगूसराय जिले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सड़क हादसे में घायल एक युवक की टूटी टांग पर प्लास्टर करने के बजाय अस्पताल में कार्डबोर्ड (गत्ते) का सहारा बांधकर उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए दावा किया गया कि यह मामला बेगूसराय के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल का है। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल युवक को उचित प्लास्टर देने के बजाय उसकी टांग पर कार्डबोर्ड बांधकर प्राथमिक उपचार किया गया और बाद में उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेज दिया गया।
वीडियो में युवक की टांग पर कार्डबोर्ड जैसी सामग्री बंधी दिखाई देती है। हालांकि, वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों ने क्या आरोप लगाए?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घायल युवक की पहचान कृष्ण कुमार (20) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। परिजनों का आरोप है कि युवक की टांग में फ्रैक्चर होने के बावजूद अस्पताल में प्लास्टर नहीं किया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीज को तत्काल आवश्यक इमरजेंसी प्राथमिक उपचार दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि मरीज की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर किया गया। साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं।



