
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के घूमरी गांव में हुए अतर सिंह जाटव हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने का आरोप मृतक के दामाद और छोटे भाई पर है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लालच में हत्या की साजिश रची और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश भी की।
पुलिया के नीचे मिला था शव
22 जुलाई की सुबह मौ थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक पुलिया के नीचे एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान घूमरी गांव निवासी 45 वर्षीय अतर सिंह जाटव के रूप में की। शुरुआती जांच के दौरान शव पर मिले निशानों के आधार पर मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने हर पहलू से जांच शुरू की।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बदला जांच का रुख
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह जहरीले पदार्थ का सेवन सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। जांच के दौरान पता चला कि घटना वाले दिन मृतक को उसके दामाद बबलू जाटव और छोटे भाई विजय सिंह कार से ग्वालियर से गांव लेकर आए थे। पुलिस का आरोप है कि रास्ते में उसे शराब पिलाई गई और बाद में जहरीली गोलियां देकर उसकी हत्या कर दी गई।
शव कार की डिग्गी में रखकर घूमते रहे
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी शव को कार की डिग्गी में रखकर घूमते रहे। दिन में लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण वे शव नहीं फेंक सके। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी दंदरौआ धाम भी गए, जबकि शव कार में ही रखा रहा। देर रात सुनसान मौका मिलने पर उन्होंने शव को पुलिया के नीचे फेंक दिया और अगले दिन पुलिस को सूचना देकर मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की।
मोबाइल लोकेशन से खुली साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन का विश्लेषण किया। सर्विलांस से पता चला कि घटना के समय दोनों आरोपी एक साथ थे और उनकी लोकेशन शव मिलने वाले इलाके में भी दर्ज हुई। इसके अलावा पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ।
EMI से बचने के लालच में रची हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, बबलू ने करीब आठ महीने पहले अपने ससुर के नाम पर ढाई लाख रुपये की एक सेकेंड हैंड कार खरीदी थी। कार की मासिक किस्त करीब 9 हजार रुपये थी। जांच में आरोप है कि आरोपी को लगा कि वाहन मालिक की मौत के बाद बीमा के जरिए लोन का भुगतान हो सकता है। इसी आर्थिक लाभ की उम्मीद में उसने अपने चाचा ससुर विजय सिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।



