
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। खासतौर पर दक्षिणी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणपश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। मानसूनी द्रोणी भी अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
इन तारीखों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक 8 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश, जबकि 9 और 10 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 11 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग ने 7 अगस्त को शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
8 अगस्त को सोनभद्र और मिर्जापुर में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 9 अगस्त को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में बारिश हो सकती है। 10 अगस्त को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी वर्षा की संभावना है।
संभल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे में संभल के गुन्नौर में 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो भारी से बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में रही। इसके अलावा बुलंदशहर के नरौरा में 110.4 मिलीमीटर, हमीरपुर के राठ में 93 मिलीमीटर, जालौन के कालपी में 86.8 मिलीमीटर और बागपत के खेकड़ा में 84 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
जलभराव और बाढ़ को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, अंडरपास और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। कच्चे मकानों और असुरक्षित ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने, सड़कें फिसलन भरी होने और नदियों व मौसमी नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना भी जताई गई है। लोगों को गड्ढों, तालाबों और नदीनालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 7 अगस्त तक प्रदेश में कुल 331.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 409 मिलीमीटर है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण गन्ना, अरहर, धान, खरीफ मक्का, मूंगफली, तिल, उड़दमूंग और सब्जियों की फसलों में जलभराव से नुकसान की आशंका जताई है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और बारिश के दौरान उर्वरक व रसायनों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है।



