India Infrastructure Developement: 2014 के बाद भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई क्षेत्रों में हुए विस्तार से जुड़े आकड़ें सामने आए हैं। देश में सड़क, रेल, एयरपोर्ट, बिजली, सोलर और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदली तस्वीर को सामने रखा है।

इन आंकड़ों में 2014 के मुकाबले मौजूदा स्थिति की तुलना की गई है। कुछ क्षेत्रों में जहां नई सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं, वहीं कई सेक्टर में मौजूदा क्षमता का बड़ा हिस्सा पिछले 12 साल में जुड़ने की बात कही गई है।
सड़क और रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव
आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से पहले देश में कोई Dedicated Freight Corridor चालू नहीं था। अब 2,843 किलोमीटर का नेटवर्क बताया गया है। एक्सप्रेसवे की लंबाई भी 1,000 किलोमीटर से बढ़कर करीब 7,700 किलोमीटर हो गई है। चार लेन और उससे ज्यादा वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में भी 45,516 किलोमीटर की बढ़ोतरी बताई गई है।
सोलर क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी
ऊर्जा क्षेत्र में सोलर क्षमता 2014 के 2.6 GW से बढ़कर 162 GW बताई गई है। रिन्यूएबल एनर्जी की कुल क्षमता भी 54 GW से बढ़कर 248 GW पहुंचने का आंकड़ा दिया गया है। बिजली उत्पादन क्षमता 249 GW से बढ़कर 540 GW बताई गई है।
एयरपोर्ट और मेट्रो का भी विस्तार
आंकड़ों में 2014 में मौजूद 74 एयरपोर्ट के मुकाबले बाद के सालों में 164 नए एयरपोर्ट जुड़ने की बात कही गई है। साथ ही मेट्रो नेटवर्क भी 250 किलोमीटर से बढ़कर करीब 1,250 किलोमीटर बताया गया है। मौजूदा मेट्रो नेटवर्क का 75 प्रतिशत हिस्सा 2014 के बाद तैयार होने का दावा किया गया है।
पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी
घर तक नल से पानी पहुंचने की सुविधा 17 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत बताई गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 2014 के 8 AIIMS के मुकाबले 23 और संस्थान जुड़ने का आंकड़ा दिया गया है। MBBS सीटें 51,348 से बढ़कर करीब 1.39 लाख और मेडिकल कॉलेज 387 से बढ़कर 844 बताए गए हैं।



