
अजमेर: राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल से जुड़े एक कथित वीडियो ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जेल के अंदर बंद कुछ कैदी वीडियो कॉल के जरिए जेल से बाहर मौजूद एक व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में क्या किया जा रहा है दावा?
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर दावा है कि जेल में बंद तीन कैदी कथित तौर पर वीडियो कॉल के माध्यम से बाहर मौजूद एक व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है, तो यह सवाल उठता है कि जेल परिसर में मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कैसे पहुंचे।
फिलहाल, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
जेल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
अजमेर सेंट्रल जेल के अधीक्षक आर. अंतेश्वर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
दो आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
जेल अधीक्षक के अनुसार, वायरल वीडियो में जिन कैदियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें से तारिक चिश्ती और फकर जमाली को जमानत मिल चुकी है, जबकि सैयद तौसीफ अभी भी जेल में बंद है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित वीडियो कॉल कब की गई थी और यदि प्रतिबंधित उपकरण जेल के अंदर पहुंचे थे, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से मिली, जिसके बाद तत्काल जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा सही है या नहीं। यदि किसी स्तर पर सुरक्षा में चूक या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.



