
नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। पुलिस ने आठ वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के आरोप में 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी कथित तौर पर बच्ची की तलाश में पुलिस और ग्रामीणों के साथ शामिल होकर खुद को बेगुनाह दिखाने की कोशिश करता रहा।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले सुरागों और स्निफर डॉग की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया। मामले की जांच जारी है और अधिकारियों ने इसे फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की बात कही है।
लंच ब्रेक में स्कूल पहुंचा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, घटना बुधवार दोपहर की है। आरोप है कि युवक स्कूल के लंच ब्रेक के दौरान पहुंचा और बच्ची से कहा कि उसके पिता ने उसे तुरंत घर बुलाया है। परिचित होने के कारण बच्ची उसकी बात पर भरोसा कर उसके साथ चली गई।
स्कूल की छुट्टी के बाद जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
घंटों तक चला तलाश अभियान
सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीणों ने बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया। खेतों, जंगल और आसपास के इलाकों में कई घंटों तक तलाश जारी रही। पुलिस के अनुसार, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और ग्रामीण इस अभियान में शामिल थे।
करीब आठ घंटे बाद बच्ची का शव गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल के एक गड्ढे में मिला। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया।
दुष्कर्म और हत्या का आरोप
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस का आरोप है कि बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या की गई। पोस्टमॉर्टम कराया गया है और विस्तृत मेडिकल व फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
तलाश में शामिल होकर करता रहा मदद का दिखावा
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोपी भी पूरे समय बच्ची की तलाश में जुटे लोगों के साथ मौजूद था और खुद को मददगार की तरह पेश कर रहा था। शुरुआती दौर में किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
बाद में कुछ अहम जानकारियों और जांच के दौरान मिले सुरागों ने पुलिस का ध्यान उसकी ओर खींचा।
स्निफर डॉग से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड की सहायता ली गई। पुलिस के मुताबिक, स्निफर डॉग से मिले सुराग आरोपी तक पहुंचने में मददगार साबित हुए। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गांव में विरोध और न्याय की मांग
घटना के बाद पूरे इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने बाजार बंद रखा, कैंडल मार्च निकाला और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मामले की जल्द सुनवाई की भी मांग उठाई।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों और अभिभावकों को बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति के साथ जाने से पहले शिक्षक या परिवार से पुष्टि अवश्य करें, चाहे वह कितना भी परिचित क्यों न हो।
नोट: यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जांच और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अदालत में आरोप सिद्ध होना बाकी है।



