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आरजी कर डॉक्टर हत्याकांड में नया मोड़, 2 साल बाद स्वास्थ्य विभाग करेगा अलग जांच..

आरजी कर डॉक्टर हत्याकांड में नया मोड़, 2 साल बाद स्वास्थ्य विभाग करेगा अलग जांच..

कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के बहुचर्चित मामले में दो साल बाद एक नया घटनाक्रम सामने आया है। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने मामले की अलग से जांच शुरू करने का फैसला लिया है। यह निर्णय ऐसे समय आया है जब पीड़िता का परिवार केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की जांच पर लगातार सवाल उठाता रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की ओर से की जाने वाली जांच के निष्कर्ष सीबीआई के साथ भी साझा किए जाएंगे।

घटना की रात मौजूद लोगों से होगी पूछताछ

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच के दौरान उस रात अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मौजूद डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। मृतका के शिक्षकों और उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को भी समन भेजा जा सकता है।

इसके अलावा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में उस समय मौजूद कमियों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि यह समझा जा सके कि घटना के दौरान किन परिस्थितियों ने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया।

2024 में हुई थी दिल दहला देने वाली घटना

यह मामला 8 और 9 अगस्त 2024 की दरमियानी रात का है, जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद एक महिला डॉक्टर मृत अवस्था में मिली थीं। शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस ने की थी और मुख्य आरोपी संजय राय को गिरफ्तार किया गया था।

बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच पूरी होने के बाद अदालत ने संजय राय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

परिवार ने CBI जांच पर उठाए सवाल

हालांकि, पीड़िता का परिवार शुरू से ही सीबीआई की जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहा। परिवार का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच नहीं की गई।

हाल की सुनवाई के दौरान भी परिवार ने मांग की कि घटना की रात मृतका के संपर्क में रहे कुछ जूनियर डॉक्टरों और तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष की भूमिका की विस्तार से जांच होनी चाहिए। परिवार ने कुछ अन्य लोगों से पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ा मामला

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी जांच को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। अदालत ने कहा था कि नई विशेष जांच टीम (SIT) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं और जांच को निष्पक्ष तथा व्यापक बनाए रखने की आवश्यकता है।

इसी बीच राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग जांच शुरू करने के फैसले को मामले का अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

क्या सामने आएंगे नए तथ्य?

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करना और यदि कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसे संबंधित जांच एजेंसी के साथ साझा करना है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभागीय जांच से क्या नए तथ्य सामने आते हैं और क्या इससे इस बहुचर्चित मामले के अनसुलझे सवालों के जवाब मिल पाते हैं।

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