
जागरण संवाददाता, मथुरा। जयसिंहपुरा के राधा-कृष्ण वाटिका निवासी मनोज सोनी की हत्या की उसकी पत्नी ने बेटी और बेटी के प्रेमी के साथ मिलकर की है। पुलिस को उनके मकान के बगल में स्थित एक प्लाॅट से जले हुए कपड़े, मूसल और पोंछा बरामद हुआ है। आशंका है कि पोंछे का इस्तेमाल हत्या के बाद खून साफ करने में किया गया। इसके बाद पुलिस ने डाॅग स्क्वायड की मदद से भी पड़ताल कराई।
मनोज का जूता डाॅग स्क्वायड को सुंघाया गया, इसके बाद खोजी कुत्ता जले कपड़े मिलने वाली जगह तक पहुंचा और फिर पीछे की ओर घूमकर लौट आया। शव के नहीं मिलने पर पुलिस ने इन साक्ष्यों के आधार पर तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पूछताछ में मां-बेटी ने मृतक पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।
गोविंद नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जयसिंहपुरा की राधाकृष्ण वाटिका निवासी मनोज सोनी समीप की गोशाला में गोसेवा करते हैं। उनकी शादी करीब 22 वर्ष पूर्व हाथरस की नैना सोनी के साथ हुई। रामबाबू ने बताया, 18 अप्रैल की देर रात भाई मनोज का पत्नी नैना सोनी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद से भाई मनोज संदिग्ध परिस्थिति में गायब हो गए।
इस मामले में 21 अप्रैल को नैना से गोविंद नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना-पत्र दिलाया। इसके बाद भतीजी की शादी की व्यस्तता के कारण उन्होंने ध्यान नहीं दिया। 12 जुलाई को थाने पहुंचे और भाई के मामले में प्रगति पूछी तो बताया गया कि प्रार्थना-पत्र नैना अगले दिन ही वापस ले गईं थीं। इस पर रामबाबू ने नौ मई को थाने में अपनी तरफ से प्रार्थना-पत्र दिया।
रामबाबू ने प्रार्थना-पत्र में कहा है कि हम तीनों भाई ने मिलकर अपना खेत बेचा और फिर राधाकृष्ण वाटिका में अपने-अपने मकान बनवाए। मनोज ने अपने मकान का बैनामा अपनी पत्नी नैना के नाम कराया था। आरोप लगाया कि नैना संदिग्ध चरित्र की है। सात जून से बच्चों को लेकर घर में ताला लगाकर कहीं चली गई है।
उन्होंने आशंका जताई कि भाई की हत्या पत्नी नैना, उसकी बेटी भक्ति सोनी और बेटी के प्रेमी विमल चौधरी ने की है और शव को कहीं छिपा दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर गोविंद नगर पुलिस ने दो दिन तक धौरेरा के जंगल, अक्रूर घाट आदि क्षेत्र में तलाश कराई, लेकिन शव नहीं मिला।
शनिवार को पुलिस ने जांच का दायरा राधा-कृष्ण वाटिका और आसपास के प्लाटों तक बढ़ाया। इसी दौरान मकान के बगल में एक प्लाट में पुलिस को जले कपड़े व राख मिली। मौके की स्थिति को संदिग्ध मानते हुए बारीकी से छानबीन की। तलाशी के दौरान मूसल और एक पोंछा भी बरामद हुआ। पुलिस को आशंका है कि पोंछे का इस्तेमाल किसी वारदात के बाद खून साफ करने में किया गया हो सकता है।
मौके पर डाॅग स्क्वायड को भी बुलाया गया। मनोज का जूता खोजी कुत्ते को सुंघाया गया। इसके बाद डाॅग स्क्वायड जले हुए कपड़े मिलने वाले स्थान तक पहुंचा। वहां कुछ देर रुकने और आसपास सूंघने के बाद पीछे की ओर घूमकर वापस आ गया। पुलिस टीम ने करीब एक घंटे तक मौके और उसके आसपास के क्षेत्र में छानबीन की। इस दौरान संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया।
पुलिस बरामद जले कपड़े, मूसल व पोंछे की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है, ताकि उनसे कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सके। गोविंद नगर थाना प्रभारी अजय वर्मा ने बताया कि शव की तलाश की जा रही है। जले हुए कपड़ों व मूसल के आधार पर तीनों को जेल भेज दिया है। पूछताछ में आरोपित मां-बेटी ने बताया कि मनोज आए दिन दोनों से मारपीट करता था। इसके चलते उन्होंने हत्या कर दी।
मकान पर लिख दिया बिकाऊ, भागने की फिराक में थे आरोपी
मनोज सोनी के लापता होने के बाद उसकी पत्नी नैना सोनी और बेटी के मकान पर बिकाऊ लिखे जाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपित परिवार मकान बंद कर इधर-उधर घूम रहा था और ठिकाना बदलने की कोशिश में था। बताया जा रहा है कि मनोज के लापता होने के बाद मकान को बेचकर यहां से निकलने की तैयारी की जा रही थी।



