
लखनऊ, अमृत विचार : मोबाइल पर लगातार एक घंटे से अधिक संगीत या वीडियो देखनेसुनने की आदत सुनने की क्षमता को कमजोर कर सकती है। केजीएमयू के फिजियोलॉजी विभाग के एक शोध में ये गंभीर जानकारी सामने आई है। शनिवार को ब्राउन हॉल में विभाग के 115वें स्थापना दिवस समारोह में विभागाध्यक्ष डॉ. श्रद्धा सिंह ने शोध की जानकारी साझा की। उन्होंने वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
डॉ. श्रद्धा सिंह ने बताया कि 15 से 60 वर्ष की उम्र के 100 से अधिक लोगों पर अध्ययन किया गया। इसमें मोबाइल के इस्तेमाल की अवधि और सुनने की क्षमता के बीच संबंध का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग लगातार एक घंटे से ज्यादा समय तक मोबाइल पर संगीत या वीडियो देखतेसुनते हैं, उनमें सुनने की क्षमता पर नकारात्मक असर देखा गया। एक घंटे से कम समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने वालों की सुनने की क्षमता सामान्य रही। विशेषज्ञों ने मोबाइल पर तेज आवाज में ऑडियो सुनने से बचने और बीचबीच में कानों को आराम देने की सलाह दी है।
कार्यक्रम में दिल्ली कैंट स्थित आर्मी अस्पताल की कर्नल डॉ. करुणा दत्ता ने कहा कि मेडिकल शिक्षा में पठनपाठन की शैली छात्रों की समझ और व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। पारंपरिक व्याख्यान के साथ केसबेस्ड लर्निंग, समस्या आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, बेडसाइड टीचिंग और सिमुलेशन लैब के समन्वय से छात्रों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। समारोह में सर्वश्रेष्ठ पीजी छात्रा डॉ. ईशा आतम और शेफाली शर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीन पैरामेडिकल डॉ. केके सिंह, डॉ. संदीप भट्टाचार्या सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे।
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