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तीज हमारी संस्कृति, परंपरा और पंजाब की समृद्ध विरासत की पहचान: अमित तनेजा

अपनी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हम सभी का दायित्व: अशोक सरीन हिक्की

तीज हमारी संस्कृति, परंपरा और पंजाब की समृद्ध विरासत की पहचान: अमित तनेजा

लखनपाल गांव में धूमधाम से मनाया गया तीज का त्योहार; विरासती चरखे, झूले और पारंपरिक खानपान रहे आकर्षण का केंद्र

जालंधर : गांव लखनपाल में भाजपा मंडल जंडियाला की ओर से तीज का पारंपरिक त्योहार बड़े उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा मंडल जंडियाला अध्यक्ष जस जोहल, भाजपा महामंत्री मास्टर हीरा लाल, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता रानी तथा भाजपा के रमन कुमार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में अमित तनेजा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक सरीन हिक्की ने की। श्रीमती जगबीर बराड़ विशेष रूप से गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहीं। आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया।

पूरा आयोजन पंजाब की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत के रंगों में रंगा नजर आया। गांव की महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर तीज की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पंजाब की पुरानी विरासत और ग्रामीण जीवनशैली का प्रदर्शन रहा। पारंपरिक चरखे, तीज के झूले तथा पंजाबी संस्कृति से जुड़ी विरासती वस्तुओं को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीतों एवं संगीत के माध्यम से पंजाब की संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में पारंपरिक भोजन एवं खानपान की भी विशेष व्यवस्था की गई। विभिन्न पंजाबी व्यंजनों के साथ विरासती चरखों और झूलों ने पूरे आयोजन को पुराने पंजाब के मेले जैसा स्वरूप प्रदान किया। महिलाओं और बच्चों ने झूलों का भरपूर आनंद लिया।

मुख्य अतिथि अमित तनेजा ने सभी को तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “तीज हमारी संस्कृति, परंपरा और पंजाब की समृद्ध विरासत की पहचान है। यह केवल खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि हमें अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाला पर्व है।”

तनेजा ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में नई पीढ़ी को पंजाबी लोकसंस्कृति, विरासती चरखे, पारंपरिक खानपान, लोकगीतों और ग्रामीण जीवनशैली से परिचित करवाना बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथसाथ समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि “पंजाब की संस्कृति हमारी शान और हमारी पहचान है। इसे सहेजना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि “अपनी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। तीज जैसे पारंपरिक पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में आपसी भाईचारे एवं एकता की भावना को मजबूत करते हैं।”

उन्होंने शानदार आयोजन के लिए जस जोहल, मास्टर हीरा लाल, ममता रानी और रमन कुमार सहित पूरी आयोजक टीम को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन करते रहने के लिए प्रेरित किया।

श्रीमती जगबीर बराड़ ने महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि तीज महिलाओं के उल्लास के साथसाथ पंजाब की जीवंत लोकसंस्कृति का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी को तीज की शुभकामनाएं दीं।

अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथि अमित तनेजा, कार्यक्रम अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की, गेस्ट ऑफ ऑनर श्रीमती जगबीर बराड़ तथा कार्यक्रम में पहुंचे सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

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