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यूपी में ब्लैकआउट, 75 जिलों में काटी गई बिजली, अंधेरा छाते ही बजा सायरन


लखनऊ। यूपी के सभी 75 जिलों में 23 जनवरी को ब्लैकआउट हो गया। जैसे ही शाम छह बजे तो बिजली काट दी गई। जिससे पूरे प्रदेश में अंधेरा छा गया और सायरन बजने शुरू हो गए। दरअसल पूरे प्रदेश में आतंकी हमलों को लेकर हमेशा तैयार रहने के लिए मॉक ड्रिल की गई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित यह 10 मिनट का ब्लैकआउट एक मेगा मॉक ड्रिल का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य आतंकी गतिविधियों और भविष्य में किसी भी संभावित हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को परखना था।

सड़कों पर दिखी पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी
सायरन बजते ही सड़कों पर पुलिस की सायरन वाली गाड़ियां और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं। बरेली, मेरठ, लखनऊ, कानपुर समेत प्रमुख शहरों में चौराहों पर पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। इस दौरान नागरिक सुरक्षा, एडीएआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने समन्वय का प्रदर्शन किया। ब्लैकआउट और मॉकड्रिल को लेकर प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह केवल एक अभ्यास है, ताकि जनता में किसी प्रकार का भय न फैले। मॉक ड्रिल के दौरान अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसी आवश्यक सेवाओं को इस कटौती से बाहर रखने या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

सीएम योगी ने भी मॉकड्रिल की तैयारियों की ली जानकारी
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर आयोजित इस अभ्यास की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई। ब्लैकआउट और मॉकड्रिल को लेकर सीएम योगी ने तैयारियों की जानकारी ली। अफसरों की जानकारी के अनुसार यह ड्रिल पूरी तरह सफल रही और सभी जिलों में निर्धारित समय पर बिजली आपूर्ति रोकी गई और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

क्या है ब्लैकआउट
ब्लैकआउट एक आपातकालीन सुरक्षा उपाय है, जिसमें किसी क्षेत्र की सभी बाहरी एवं अनावश्यक रोशनी अस्थायी रूप से बंद कर दी जाती है। दुश्मन के हवाई हमले या ड्रोन हमले से सुरक्षा के लिए रात में शहर/इलाके की पहचान छिपाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एवं नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में रणनीतिक सावधानी बरती जा सके। इसके लिए ब्लैकआउट किया जाता है।

ब्लैकआउट के समय क्या करें
घर, दुकान व कार्यालय की सभी बाहरी लाइटें तुरंत बंद करें खिड़की-दरवाजों से आने वाली रोशनी कपड़े परदे से ढक दें केवल आवश्यक होने पर हल्की रोशनी का प्रयोग करें प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करें घर के अंदर शांतिपूर्वक रहें। आपातकालीन स्थिति में ही बाहर निकले अफवाहों पर ध्यान न दें, आधिकारिक सूचना पर विश्वास करें।

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