
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हरदोई के पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्यकाल समाप्त होने के करीब छह साल बाद जांच शुरू किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा को तलब करते हुए अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब संबंधित व्यक्ति अब ग्राम प्रधान नहीं है, तो उसके खिलाफ जांच समिति गठित करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। कोर्ट ने पूछा कि जांच समिति का गठन किस आधार पर किया गया और जांच शुरू करने का कारण क्या था? अदालत ने जिलाधिकारी को अगली सुनवाई में इन सवालों का स्पष्ट जवाब देने का निर्देश दिया है।
कार्यकाल खत्म होने के छह साल बाद शुरू हुई जांच
मामले में सामने आया है कि संबंधित ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त हुए करीब छह साल बीत चुके हैं। इसके बाद उनके खिलाफ जांच शुरू की गई और उन्हें पद से हटाने के उद्देश्य से जांच समिति गठित किए जाने पर सवाल उठे हैं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब संबंधित व्यक्ति ग्राम प्रधान नहीं है। ऐसे में उसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के औचित्य को लेकर अदालत ने प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।
फाइल के तथ्यों पर बिना सोचे काम करने पर नाराजगी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि फाइल में मौजूद तथ्यों पर बिना विचार किए कार्रवाई की गई प्रतीत होती है। अदालत ने जिलाधिकारी हरदोई को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई में यह स्पष्ट करें कि पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच शुरू करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई और जांच समिति का गठन किस आधार पर किया गया।
3 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी अनुनय झा को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी।



