नई दिल्ली। एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने टीम के इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम टूर्नामेंट के हर मुकाबले में जीत की मानसिकता के साथ मैदान पर उतरेगी और इस बार लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है।

न्यूजीलैंड में खेले गए एफआईएच नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने खिताब अपने नाम किया था। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को 20 से हराया। इस सफलता से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और अब खिलाड़ी उसी लय को विश्व कप में भी बरकरार रखना चाहती हैं।
‘हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक’
सलीमा टेटे ने कहा कि टीम आत्मविश्वास के साथ आक्रामक लेकिन समझदारी भ वाली हॉकी खेलेगी। उनका मानना है कि टीम के पास विश्व कप में बड़ी उपलब्धि हासिल करने की पूरी क्षमता है। कप्तान ने यह भी कहा कि जीत हो या हार, वह मैदान पर हर खिलाड़ी का समर्थन करती रहेंगी।
16 अगस्त को चीन से पहला मुकाबला
एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होगा। भारत को पूलडी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा।
सलीमा टेटे के लिए यह विश्व कप खास है, क्योंकि वह अपने करियर में दूसरी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। कप्तान के रूप में उनकी कोशिश टीम को मजबूत नेतृत्व देने और भारत को लंबे समय बाद विश्व कप में पदक दिलाने की होगी।
नेशंस कप की सफलता के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है। अब निगाहें विश्व कप में उसके प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां सलीमा टेटे की अगुवाई में टीम स्वर्ण पदक के सपने को हकीकत में बदलने के इरादे से उतरेगी।



