CrimeIndia

‘कोई रास्ता नहीं बचा था…’, बहन की शादी के लिए भाई बना चोर, पड़ोसी के घर से चुराए 15 लाख के जेवर, ऐसे हुआ अरेस्ट

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाली और भावुक कर देने वाली अपराध की घटना सामने आई है. जाजमऊ के ताड़बगिया इलाके में बहन की शादी की जिम्मेदारी और पैसों की तंगी से परेशान एक युवक ने चोरी का रास्ता चुन लिया. आरोपी ने अपने ही पड़ोसी के 3 मंजिला मकान को निशाना बनाते हुए महज 30 मिनट के अंदर 15 लाख रुपये के सोनेचांदी के जेवरात और 40 हजार रुपये नकद पार कर दिए.

‘कोई रास्ता नहीं बचा था…’, बहन की शादी के लिए भाई बना चोर, पड़ोसी के घर से चुराए 15 लाख के जेवर, ऐसे हुआ अरेस्ट

दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. हालांकि, घटनास्थल पर छूटी एक मौरंग से सनी चप्पल ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचा दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरा माल बरामद कर लिया है.

लखनऊ शॉपिंग करने गया था परिवार, पाकर सूना मकान बोला धावा

अपर पुलिस उपायुक्त शिवा सिंह ने चोरी का पर्दाफाश करते हुए बताया कि घटना जाजमऊ के उत्तर बगिया इलाके की है. यहां रहने वाले एचसीएल में डेटा इंजीनियर ओमान, अपने भाई खुशहाल और मां के साथ 9 अगस्त की दोपहर कपड़ों की शॉपिंग के लिए कानपुर से लखनऊ गए हुए थे. घर को सूना देखकर पड़ोसी युवक जफर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ. उसने रसोई के तवे से ताला और रोशनदान तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी में रखे सोने के कंगन, हार, चेन और 40,000 रुपये नकद समेटकर चंपत हो गया.

छत पर मिली ‘8 नंबर की चप्पल’ से खुला राज

शाम को जब परिवार वापस लौटा और घर का सामान बिखरा देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स लिए. जांच के दौरान पुलिस को छत पर मौरंग से सनी हुई 8 नंबर की एक चप्पल मिली, जो गृहस्वामियों की नहीं थी.

पुलिस ने आसपास के संदिग्धों पर नजर रखी तो पड़ोसी जफर वहां से धीरे से खिसकने लगा. संदेह के आधार पर पुलिस ने जफर को उसके किराये के कमरे से हिरासत में लिया. पुलिस की सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर 15 लाख के शतप्रतिशत जेवर और नगदी बरामद कर ली गई.

‘पिता की मौत के बाद बेबस था, बहन की शादी के लिए बना चोर’

पुलिस की पूछताछ में आरोपी जफर ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया. उसने बताया कि पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी. डेढ़ महीने बाद उसकी छोटी बहन की शादी तय है, लेकिन घर में पैसों की भारी किल्लत थी. बोला मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा था. शादी के खर्चों को लेकर मैं पिछले कई दिनों से बेहद तनाव में था. मैंने देखा कि पड़ोसी का परिवार लखनऊ गया है, तो पिछले 10 दिनों से रेकी करने के बाद मैंने मजबूरी और सनक में आकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply