
वीके सिंह, लखनऊ, अमृत विचारः पशुपालन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराने लिए जहां ओर पशुपालन विभाग तीन हजार स्थाई नौकरियां देने जा रहा है, वहीं प्रत्येक जिलों में बड़े पैमाने पर पैरावेट कॉलेज खोलने का भी अवसर देने जा रही है। इस कड़ी में विभाग ने अब तक 29 कॉलेजों को कोर्स शुरू करने के लिए एनओसी जारी कर चुकी है, जिसमें से 21 ने विश्वविद्यालयों से एफिलिएशन के लिए अनुमति मांगी है। जबकि आधा सैकड़ा आवेदन एनओसी के लिए विचाराधीन हैं।
गौरतलब हो कि पशुपालन विभाग ने विभाग के माध्यम से अधिकतम रोजगार देने का कवायद शुरू की है। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने तथा गरीब किसानों को पशुपालन से जोड़कर पैसा कमाने का मौका देने जा रही है। इसी कड़ी में प्रथम प्रयास यह है कि पहले विभाग को दुरुस्त किया जाए। पहली कड़ी में तीन हजार से अधिक सराकरी नौकरियां देने की है, जिसकी भर्ती दिसंबर से पहलेपहले कर ली जाएगी।
दूसरी कड़ी में वेटनरी से जुड़ी शिक्षा का है। प्रदेश भर में वेटनरी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में 29 कॉलेजों को एनओसी जारी कर दी गई है। विभाग ने कॉलेज खोलने को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में काफी सरलीकरण कर दिया है। इसके अलावा किसानों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचे इसके लिए विभाग से जुड़ी समस्त गौशालाओं को किसानों से ही घास खरीदनी होगी। इस तरह की कार्य योजना विभाग तैयार कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इन कॉलेजों को वेबसाइट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें विद्यार्थी का नाम, आधारकार्ड, फोन नंबर, फैकल्टी का क्वालिफिकेशन, लैव, भवन की तस्वीरें आदि अपलोड की जाएंगी। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आदि का भी लाभ दिया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव, पशुपालन मुकेश मेश्राम ने कहा कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में यूपी को अग्रणी राज्य बनाने एवं ग्रामीणांचलों में अधिकतम रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। अभी प्रत्येक जिले में एक वेटनरी कॉलेज खोले जाएंगे। 29 कॉलेजों को एनओसी भी दे दी गई है। एनओसी के लिए और भी आवेदन आए हैं, जल्द ही नीतियों को ध्यान में रखते हुये एनओसी दी जाएगी ।


