पटना
बिहार एवं तेलंगाना के बीच कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीक तथा नवाचारों के आदानप्रदान, किसानों के प्रशिक्षण तथा दोनों राज्यों में किए जा रहे सफल कृषि प्रयोगों को साझा करने पर महत्वपूर्ण बैठक हुई।

बिहार के किसान तेलंगाना जाकर अब पाम आयल की खेती, उसके प्रसंस्करण एवं तेल निष्कर्षण तथा इससे जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
वहीं, तेलंगाना के किसान बिहार आकर मखाना की खेती, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन एवं विपणन से संबंधित उन्नत तकनीकों और सफल प्रयोगों को समझेंगे तथा उनका व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
हैदराबाद स्थित तेलंगाना सचिवालय, तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव
की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अतिरिक्त विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि बिहार और तेलंगाना दोनों ही कृषि के क्षेत्र में अपनी अलगअलग विशेषताओं, अनुभवों और सफल प्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
इस बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों की कृषि व्यवस्था में उपलब्ध अनुभवों, तकनीकी ज्ञान और सफल माडलों को एकदूसरे के साथ साझा करना तथा किसानों के हित में उनका उपयोग सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि किसानों के बीच प्रत्यक्ष अनुभव एवं ज्ञान का आदानप्रदान कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है। दोनों राज्यों के किसानों को एकदूसरे के राज्य में प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण का अवसर दिया जाना चाहिए। इससे किसानों को अपनेअपने राज्य की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में राज्यों के बीच अनुभवों एवं सफल प्रयोगों को साझा करना और आधुनिक तकनीकों को एकदूसरे तक पहुंचाना किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
इससे दोनों राज्यों के किसान एकदूसरे के अनुभवों से लाभान्वित होंगे और कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं आधुनिक तकनीक के उपयोग को और बढ़ावा मिलेगा।



