नई दिल्ली : चर्चित यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़े मामले में स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक मामलों में दर्ज एफआईआर और उनसे जुड़ी कार्यवाहियों को समाप्त कर दिया।

यह फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने माना कि आरोपियों ने उसके पहले दिए गए निर्देशों का अनुपालन किया है और दिव्यांगजनों के कल्याण व जागरूकता से जुड़े प्रयास किए हैं।
क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड में दिव्यांगजनों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक और असंवेदनशील टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ था। मामले में कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित लोगों को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई गई थी।
बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता की जरूरत पर जोर दिया था।
कोर्ट के निर्देशों का करना पड़ा पालन
सुप्रीम कोर्ट ने पहले समय रैना और अन्य से दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए फंड जुटाने जैसे कदम उठाने को कहा था। जुलाई 2026 में अदालत ने अनुपालन को लेकर रैना और इलाहाबादिया को फटकार लगाई थी और दोनों पर 33 लाख रुपये की लागत भी लगाई थी।
अदालत की सख्ती के बाद आरोपियों की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए। इसके बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाहियों को समाप्त करने का आदेश दिया।
जुलाई में कोर्ट ने लगाई थी कड़ी फटकार
14 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रैना और अन्य पर अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं करने को लेकर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि उसके निर्देशों का पालन गंभीरता से किया जाना चाहिए। इसी दौरान दोनों पर 33 लाख रुपये की लागत लगाई गई और अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का समय दिया गया था।
कनाडा वाले बयान पर भी कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
इससे पहले मार्च 2025 में समय रैना के कनाडा में एक शो के दौरान मामले का जिक्र करने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। अदालत ने उन्हें न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में नहीं लेने की चेतावनी दी थी।
इसी अवधि में सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को अपने पॉडकास्ट ‘द रणवीर शो’ को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी थी, लेकिन डिजिटल कंटेंट में शालीनता और जिम्मेदारी बनाए रखने पर जोर दिया था।
अश्लील टिप्पणी से भी मचा था बड़ा विवाद
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड में रणवीर इलाहाबादिया की एक अश्लील टिप्पणी के बाद भी देशभर में विवाद हुआ था। इसके बाद कई राज्यों में शिकायतें और एफआईआर दर्ज हुईं तथा शो के एपिसोड को यूट्यूब से हटा दिया गया था। समय रैना ने भी बाद में शो के सभी एपिसोड अपने चैनल से हटा दिए थे।
हालांकि, शुक्रवार के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने दिव्यांगजनों से जुड़ी टिप्पणियों वाले मामले में दर्ज आपराधिक कार्यवाहियों को समाप्त कर दिया है। डिजिटल कंटेंट के व्यापक नियमन से जुड़े मुद्दों पर आगे की कार्यवाही अलग से जारी रह सकती है।



