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कौन हैं पिरोजशा? जो संभालेंगे करीब 100 साल पुराने गोदरेज ग्रुप की कमान

भारत के करीब 100 साल से ज्यादा पुराने गोदरेज ग्रुप की लीडरशिप में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब इस कारोबार की जिम्मेदारी पिरोजशा गोदरेज संभालने जा रहे हैं. 45 साल की उम्र में वह गोद गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप के चेयरपर्सनडेजिग्नेटेड बने हैं. पिरोजशा, आदि गोदरेज के तीन बच्चों में सबसे छोटे हैं. उनके सामने अब ऐसे कारोबारी ग्रुप को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है, जिसका कारोबार कंज्यूमर गुड्स, रियल एस्टेट, केमिकल, एग्रोफूड, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट रियल एस्टेट निवेश जैसे कई सेक्टर में फैला है.

पिरोजशा की पढ़ाई काफी शानदार रही है. उन्होंने व्हार्टन स्कूल से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की. इसके बाद कोलम्बिया यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल अफेयर्स में मास्टर डिग्री और कोलम्बिया बिजनेस स्कूल से MBA किया. लेकिन कम उम्र में उनकी दिलचस्पी बिजनेस से ज्यादा राजनीति में थी. 2002 में उन्होंने अमेरिका की सीनेटर हिलेरी क्लिंटन के ऑफिस में इंटर्नशिप की. इसके अलावा उन्होंने भारत के विदेश मंत्रालय के साथ भी काम किया. एक समय उन्होंने राजनीति में जाने के बारे में भी सोचा था, लेकिन आखिरकार उन्होंने परिवार के कारोबार में आने का फैसला किया.

2004 में गोदरेज प्रॉपर्टीज से शुरू किया सफर

पिरोजशा 2004 में परिवार के कारोबार में शामिल हुए. उन्होंने गोदरेज प्रॉपर्टीज से कारोबार करियर की शुरुआत की. उस समय यह कारोबार आज की तुलना में काफी छोटा था और इसमें आगे बढ़ने की बड़ी संभावना थी. MBA के लिए दो साल के ब्रेक को छोड़ दें तो उन्होंने लंबे समय तक रियल एस्टेट कारोबार में काम किया. सिर्फ 31 साल की उम्र में वह गोदरेज प्रॉपर्टीज के MD और CEO बन गए. उनकी लीडरशिप में कंपनी ने तेजी से विस्तार किया. FY21 में गोदरेज प्रॉपर्टीज भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल हुई और कंपनी के मुताबिक यह स्थिति आज भी बनी हुई है. पिरोजशा ने आगे चलकर गोदरेज कैपिटल और गोदरेज वेंचर जैसे कारोबार भी शुरू किए.

सिर्फ परिवार का नाम नहीं, अपनी पहचान बनाई

पिरोजशा ने रियल एस्टेट में परिवार के नाम का फायदा जरूर उठाया, लेकिन अपनी अलग कारोबारी सोच भी दिखाई. उन्होंने जमीन का बड़ा भंडार रखने के बजाय एसेटलाइट मॉडल पर जोर दिया. इसमें कंपनी जमीन के मालिकों के साथ पार्टशिप करके प्रोजेक्ट डेवलप करती है. उनका मानना था कि गोदरेज नाम की वजह से नए शहरों और बाजारों में ग्राहकों का भरोसा हासिल करने में मदद मिलती है.

2024 में परिवार के कारोबार का बंटवारा

गोदरेज परिवार ने 2024 में अपने कारोबार का बंटवारा किया. इसके बाद पिरोजशा गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के प्रमुख बने. अब पिरोजसा के सामने GIG को और बड़ा बनाने की चुनौती है. उनके मुताबिक ग्रुप के 6 कारोबारों की कुल वैल्यू करीब ₹2 लाख करोड़ है और वह इसे अगले 5 साल में बढ़ाकर ₹5 लाख करोड़ तक ले जाना चाहते हैं. हालांकि उनका फोकस सिर्फ तेजी से कारोबार बढ़ाने पर नहीं है. उनका कहना है कि उनका टारगेट ग्रुप को पहले से ज्यादा मजबूत बनाकर आगे की पीढ़ी के लिए तैयार करना है.

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