CrimeIndiaTrending

नौकरी गई तो Google से लिया ‘ज्ञान’, फिर शुरू किया खतरनाक धंधा… ₹100 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा..

Nagaur Drug Factory: एक 28 साल का युवक, नौकरी से असंतुष्ट और जल्दी पैसा कमाने की चाहत. फिर अचानक उसकी जिंदगी का रास्ता बदलता है. पुलिस के मुताबिक राजस्थान के नागौर का रहने वाला महावीर नौकरी छोड़कर एक किराए के मकान में पहुंचा. यहां उसने कथित तौर पर ऐसी अवैध लैब तैयार कर दी, जिसका कनेक्शन करोड़ों रुपए के ड्रग्स से जुड़ा मिला. पुलिस का दावा है कि उसने MDMA बनाने की जानकारी ऑनलाइन जुटाई. शुरुआत में कोशिशें नाकाम रहीं, लेकिन वह रुका नहीं. धीरे-धीरे उसने केमिकल, डिवाइस और बाकी सामान जुटाया. फिर एक दिन पुलिस वहां पहुंची और जो सामने आया, उसने पूरी कहानी को पलट दिया.

पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में 5.418 किलो MDMA बरामद हुआ. इसके अलावा 2.744 किलो कैफीन, 24 तरह के केमिकल और करीब 210 लीटर केमिकल भी मिला. जांच एजेंसियों ने बरामद सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई है. यानी जिस शख्स ने ज्यादा कमाई के लिए नौकरी छोड़ी थी, वह कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क में पहुंच गया जहां करोड़ों की ड्रग्स तैयार करने की कोशिश हो रही थी. लेकिन इस कहानी का सबसे बड़ा सवाल सिर्फ बरामदगी नहीं है. सवाल यह है कि एक सामान्य नौकरी करने वाला युवक आखिर इस रास्ते तक कैसे पहुंचा और ऑनलाइन जानकारी से लेकर पूरी लैब तैयार करने तक उसके पीछे कौन-कौन लोग थे?

नौकरी से असंतुष्ट था महावीर, फिर बदली पूरी कहानी

नागौर पुलिस के अनुसार महावीर लक्ष्मणपुरा कुचेरा का रहने वाला है और फिलहाल नागौर की दीप कॉलोनी में रह रहा था. वह पहले नौकरी करता था, लेकिन कमाई से संतुष्ट नहीं था. ज्यादा पैसा कमाने की चाहत में उसने फरवरी 2026 में नौकरी छोड़ दी. पुलिस की जांच के मुताबिक, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच ही उसने MDMA बनाने की कोशिश शुरू कर दी थी. शुरुआती प्रयास सफल नहीं हुए. इसके बाद उसने ऑनलाइन माध्यमों से इसकी जानकारी जुटानी शुरू की. धीरे-धीरे उसे प्रक्रिया समझ आने लगी और उसने इसके लिए जरूरी सामान जुटाना शुरू कर दिया.

किराए के मकान में बना दिया कथित ड्रग सेटअप

पुलिस के मुताबिक नौकरी छोड़ने के बाद महावीर ने नागौर में किराए के मकान का इस्तेमाल इस अवैध गतिविधि के लिए किया. वहां से पुलिस ने मिक्सिंग मशीन, थर्मामीटर, मैग्नेटिक स्टेयरर, pH मीटर, ग्लास बीकर, कांच के जार, प्लास्टिक की कड़ाइयां और MDMA सुखाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बड़ी प्लेटों समेत कई उपकरण बरामद किए. बरामद सामान से पुलिस को शक हुआ कि वहां सिर्फ नशीला पदार्थ रखने का काम नहीं हो रहा था, बल्कि उसे तैयार करने का पूरा सेटअप बनाया गया था.

10 अगस्त को पुलिस ने दबोचा, फिर खुला बड़ा राज

इस कहानी में बड़ा मोड़ 10 अगस्त 2026 को आया. DST टीम को सूचना मिली और पुलिस ने नागौर की दीप कॉलोनी में कार्रवाई की. यहां से महावीर को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती कार्रवाई में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की सामग्री बरामद होने की बात सामने आई. लेकिन पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को जोधपुर रोड स्थित एक दूसरे मकान के बारे में जानकारी मिली. टीम वहां पहुंची तो कथित ड्रग फैक्ट्री का दूसरा हिस्सा सामने आया.

जोधपुर रोड वाले मकान से मिली करोड़ों की MDMA

पुलिस के अनुसार जोधपुर रोड स्थित मकान से 5.418 किलो MDMA बरामद हुई. इसके साथ 2.744 किलो कैफीन, 24 तरह के अलग-अलग केमिकल और करीब 210 लीटर केमिकल भी मिला. पुलिस ने बरामद MDMA और दूसरे मैटेरियल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई है. इस बरामदगी ने जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कच्चा माल कहां से आता था और तैयार माल को आगे कहां भेजा जाना था.

हर 10 दिन में बदल देता था SIM

जांच में पुलिस को आरोपी के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर भी अहम जानकारी मिली है. पुलिस के मुताबिक, महावीर के पास करीब 10 से 12 मोबाइल SIM होने की जानकारी सामने आई है. वह लंबे समय तक एक ही SIM इस्तेमाल नहीं करता था और करीब 10 दिन के अंतराल में नंबर बदल देता था. अब पुलिस उसके मोबाइल संपर्कों और डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है. इसी जांच से कथित नेटवर्क के दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

चार सहयोगियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

पुलिस की जांच अब सिर्फ महावीर तक सीमित नहीं है. पूछताछ के दौरान उसके साथ जुड़े चार सहयोगियों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनमें से किसकी क्या भूमिका थी. साथ ही केमिकल की सप्लाई, उपकरणों की व्यवस्था और कथित तैयार माल की सप्लाई चेन को लेकर भी जांच जारी है. फिलहाल पूरे नेटवर्क की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.

About the Author

Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…

और पढ़ें

Location :

All India

First Published :

August 15, 2026, 11:08 IST

और पढ़ें

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply