
लखनऊ। रहीमाबाद के खड़ौहा गांव में पिता की मौत के बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक बेटे ने अपने मृत पिता के अंगूठे का निशान सादे कागज पर लगवाया। इस दौरान उसका चचेरा भाई भी कथित तौर पर मदद कर रहा था। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जिसके सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है।
माता-पिता को घर से निकालने का भी आरोप
परिजनों के अनुसार, खड़ौहा निवासी महेंद्र और उनकी पत्नी लक्ष्मी पर आरोप है कि वे बुजुर्ग पिता छत्रपाल और मां शिवदेवी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते थे। परिजनों का कहना है कि वर्ष 2023 में बुजुर्ग दंपती को पैतृक घर से बाहर कर दिया गया था।
इसके बाद छत्रपाल अपनी पत्नी के साथ अलग-अलग रिश्तेदारों के यहां रहने लगे। वर्ष 2024 में दोनों लखनऊ निवासी अपनी विवाहित बेटी सुमन के घर भी रहे। परिवार के मुताबिक, अन्य बेटियों के घर पर भी वे समय-समय पर रहते थे।
बेटियों को जमीन देने की बात
परिजनों का दावा है कि छत्रपाल ने अपनी करीब साढ़े छह बीघा जमीन में से तीनों बेटियों को एक-एक बीघा जमीन दे दी थी। बताया गया कि बेटे और बहू से नाराजगी के चलते उन्होंने सार्वजनिक सूचना के माध्यम से दोनों को अपनी संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा भी कराई थी।
हालांकि, जमीन के बंटवारे और कथित दस्तावेजों से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
झगड़े के बाद पिता को लेकर गया था बेटा
बेटी सुमन के मुताबिक, 7 जुलाई को 75 वर्षीय छत्रपाल की तबीयत बिगड़ी थी। इसकी जानकारी महेंद्र को भी दी गई। आरोप है कि महेंद्र अपनी पत्नी और अन्य परिजनों के साथ लखनऊ पहुंचा और इलाज कराने की बात कहकर पिता को अपने साथ ले गया।
परिजनों के अनुसार, इसके दो दिन बाद 9 जुलाई को छत्रपाल की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान भी परिवार के सदस्यों के बीच विवाद और गाली-गलौज होने का आरोप लगाया गया है।
मृत शरीर से अंगूठे का निशान लेने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि पिता की मौत के बाद उनके अंगूठे का निशान सादे कागज पर लिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि यह प्रक्रिया जमीन से जुड़े किसी दस्तावेज के लिए की जा रही थी। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने कथित तौर पर वीडियो बना लिया।
वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और यह स्पष्ट होना बाकी है कि अंगूठे का निशान किस उद्देश्य से लिया गया था।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
घटना को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि माता-पिता के जीवित रहते उनकी देखभाल करना संतान का दायित्व है और मृत्यु के बाद भी उनके सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने परिवार की बेटियों द्वारा बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल किए जाने की सराहना की। उनका कहना है कि इस घटना ने जमीन और संपत्ति के विवाद में पारिवारिक रिश्तों के टूटने का गंभीर सवाल खड़ा किया है।



