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चाय में नशा, शरीर में जहरीला इंजेक्शन और जमीन के नीचे मौत! बागपत केस ने उड़ाए होश

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बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के लहचौड़ा गांव स्थित श्रीगणेश मंदिर परिसर में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने एक सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार को पहले नशीली गोलियां मिली चाय पिलाकर बेहोश किया गया। इसके बाद दोनों को कथित तौर पर जहरीले इंजेक्शन लगाए गए और मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसके द्वारा घटना की पूरी कहानी बताने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में साधु नरेशनाथ, उज्ज्वल और कृष्ण यादव शामिल थे, जबकि एक नाबालिग को बाहर निगरानी के लिए खड़ा किया गया था।

बहन से संबंध और सट्टे को लेकर था विवाद

एसपी सूरज कुमार राय के मुताबिक, पूछताछ में उज्ज्वल ने बताया कि अंकित को अपनी बहन के साधु नरेशनाथ के पास जाने पर आपत्ति थी। इसे लेकर घर में विवाद होता था और इसकी जानकारी नरेशनाथ तक पहुंचती रहती थी।

पुलिस के अनुसार, अंकित सट्टे के नंबर लेने के लिए भी नरेशनाथ के पास जाता था। वह कुछ हजार रुपये का सट्टा लगाता था, जबकि साधु कथित तौर पर उससे अधिक रकम लगाने को कहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था।

पुलिस का दावा है कि लगातार हो रहे विवाद के बाद नरेशनाथ ने अंकित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए कथित तौर पर नशीली गोलियां और जहरीले इंजेक्शन पहले से जुटाए गए थे।

चाय में मिलाई गईं 15 नशीली गोलियां

25 जुलाई को नरेशनाथ ने फोन करके अंकित को मंदिर बुलाया। अंकित दिव्यांग था और मदद के लिए अपने दोस्त इसरार को साथ लेकर पहुंचा।

पुलिस के अनुसार, मंदिर में मौजूद एक व्यक्ति के वहां से जाने के बाद नरेशनाथ के कहने पर उज्ज्वल चाय बनाने गया। आरोप है कि नरेशनाथ ने चाय में नशीली गोलियां मिला दीं और दोनों को चाय पिला दी गई। कुछ देर बाद अंकित और इसरार बेहोश हो गए।

इसके बाद दोनों को कथित तौर पर जहरीले इंजेक्शन लगाए गए। पुलिस को मंदिर परिसर से नशीली गोलियों का एक पत्ता भी मिला है, जिसमें 15 गोलियां बची हुई थीं।

पहले नहर में फेंकने की थी योजना

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की योजना पहले दोनों शवों को नहर में फेंकने की थी। हालांकि, रास्ते में किसी के देख लेने के डर से योजना बदल दी गई। इसके बाद मंदिर परिसर में ही दोनों को दफनाने का फैसला किया गया।

आरोपियों ने गांव के एक व्यक्ति से सफाई के बहाने फावड़ा मंगवाया। इसके बाद मंदिर का गेट बंद कर दिया गया और बाहर से आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए एक नाबालिग को तैनात किया गया।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने मिलकर करीब चार फीट गहरा, दस फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा गड्ढा खोदा। उज्ज्वल ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि जब अंकित और इसरार को गड्ढे में डाला गया, तब तक दोनों की सांस चल रही थी।

पुलिस को गुमराह करने के लिए बदले जाते रहे मोबाइल लोकेशन

जांच के दौरान पुलिस को कई बार गुमराह किया गया। पुलिस के मुताबिक, नरेशनाथ अपना मोबाइल मंदिर में छोड़ देता था और अंकित तथा इसरार के मोबाइल लेकर अलग-अलग इलाकों में घूमता था। वह कुछ समय के लिए मोबाइल चालू करता और फिर बंद कर देता था। इससे पुलिस को मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच में परेशानी हुई।

अंकित के लापता होने के बाद उसके एटीएम से उसकी बहन ने तीन बार रुपये निकाले। बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को शुरुआती तौर पर लगा कि शायद अंकित खुद पैसे निकाल रहा है। बाद में एटीएम की सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर उसकी बहन रुपये निकालती दिखाई दी, जिसके बाद जांच की दिशा बदली।

नरेशनाथ के फरार होने के बाद उज्ज्वल तक पहुंची पुलिस

पुलिस के मुताबिक, नरेशनाथ लगातार पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उसे आशंका हुई कि पूछताछ के दौरान सख्ती बढ़ने पर पूरी साजिश सामने आ सकती है। इसके बाद वह 8 अगस्त को कार लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने नरेशनाथ की पत्नी के मोबाइल को भी सर्विलांस पर रखा था। बुधवार शाम उसकी पत्नी के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। पुलिस ने नंबर को ट्रेस किया और उज्ज्वल तक पहुंच गई। पूछताछ के दौरान उज्ज्वल ने कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

मंदिर परिसर में मिले नशीली गोलियों के सबूत

दोहरे हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने श्रीगणेश मंदिर परिसर को सील कर दिया। जांच टीम ने कथित जहरीले इंजेक्शन की खाली सिरिंज और अन्य सबूतों की तलाश की। मंदिर के कमरे से नशीली गोलियों का पत्ता बरामद किया गया, जिसमें 15 गोलियां बची थीं।

पुलिस ने डस्टबिन के साथ-साथ मंदिर की दीवार के पीछे पड़े कूड़े के ढेर को भी खंगाला। जांच टीम कथित इंजेक्शन और हत्या में इस्तेमाल अन्य सामान की तलाश में जुटी रही।

ग्रामीणों ने साधु पर लगाए तंत्र क्रिया के आरोप

ग्रामीणों ने नरेशनाथ के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीण सुरेंद्र कुमार के अनुसार, लोगों ने कथित तौर पर साधु को रात में श्मशान घाट में मुर्गे की बलि देते देखा था। मंदिर परिसर में तंत्र क्रिया से जुड़े निशान होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शादी का झांसा देकर साजिश में शामिल करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, उज्ज्वल अपने परिवार का इकलौता बेटा है और शादी नहीं होने को लेकर परेशान था। करीब एक महीने पहले गांव के एक व्यक्ति ने उसे शादी कराने का झांसा देकर नरेशनाथ से मिलवाया था।

उज्ज्वल का दावा है कि साधु ने पहले शादी कराने के लिए एक लाख रुपये मांगे थे। बाद में रुपये लेने के बजाय उससे एक काम करने को कहा गया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसे अंकित को रास्ते से हटाने की योजना में शामिल किया गया और शादी कराने का भरोसा दिया गया।

पांच बहनों का इकलौता भाई था अंकित

अंकित अपने परिवार में पांच बहनों का इकलौता भाई था। करीब छह साल पहले खेत में गेहूं निकालने वाली मशीन पलटने के दौरान वह उसके नीचे दब गया था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई और दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया।

इसके बाद अंकित घर से कंप्यूटर पर ऑनलाइन काम करता था। उसके परिवार में बहनें ज्योति, ललिता, अलका, विकासा और भावना हैं।

इसरार और अंकित की थी पुरानी दोस्ती

इसरार और अंकित की करीब पांच-छह साल से दोस्ती थी। दोनों अक्सर साथ रहते थे। घटना से पहले इसरार अंकित के घर पर दीवारों की पुट्टी और पुताई का काम कर रहा था।

25 जुलाई को जब इसरार बाइक लेकर अंकित के साथ जाने के लिए घर से निकला, तब परिवार ने उसके बारे में पूछा था। इसके बाद दोनों मंदिर की ओर गए और फिर वापस नहीं लौटे।

पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे आरोपियों की भूमिका, हत्या में इस्तेमाल सामग्री और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। घटना के सभी पहलुओं को जोड़कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

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