
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन कोटेदारों के लिए सोमवार का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में बढ़ोतरी का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कोटेदारों का मार्जिन मनी अब 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है।
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अब राशन कोटेदारों को प्रति कुंतल 90 की जगह 125 लाभांश मिलेगा। सरकार ने इसके साथ ही राशन कोटेदारों के वार्षिक लाभांश के लिए बजट में भी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लोकभवन में सिंगल स्टेज डोरस्टेप डिलीवरी के तहत ईपॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
ईपॉस आधारित फीडबैक प्रणाली की होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 अगस्त को सुबह 9:30 बजे सिंगल स्टेज डोरस्टेप डिलीवरी के तहत ईपॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ करेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करना है। ईपॉस आधारित फीडबैक प्रणाली के माध्यम से राशन कोटेदार खाद्यान्न की डिलीवरी और वितरण व्यवस्था से जुड़ी अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे दर्ज करा सकेंगे।
राशन वितरण व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता
सरकार के मुताबिक, नई फीडबैक प्रणाली से खाद्यान्न आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की निगरानी बेहतर होगी। साथ ही राशन कोटेदारों को डिलीवरी से जुड़ी समस्याओं को दर्ज कराने के लिए एक प्रभावी माध्यम मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से राशन वितरण में आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और पूरी आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ेगी।
78 हजार से अधिक कोटेदारों को मिलेगा लाभ
लाभांश में बढ़ोतरी से प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को सीधा फायदा मिलेगा। ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल लाभांश किए जाने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।
कोटेदारों को प्रति कुंतल 35 रुपये का फायदा
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बढ़ाए गए 35 रुपये के मार्जिन में 10 रुपये केंद्र सरकार और 25 रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मार्जिन में 25 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने उचित दर विक्रेताओं को शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को गांवगांव तक पहुंचाने में कोटेदारों की अहम भूमिका है।
‘2017 से पहले राशन वितरण में होती थी गड़बड़ी’
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले राशन वितरण व्यवस्था भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से प्रभावित थी। गरीबों के राशन कार्ड तक हड़प लिए जाते थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय जनता दर्शन में आने वाली करीब एक हजार शिकायतों में लगभग 300 शिकायतें राशन वितरण से जुड़ी होती थीं। योगी ने कहा कि अब ईपॉस मशीन, डोरस्टेप डिलीवरी और तकनीक आधारित निगरानी के कारण राशन वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है और राशन से जुड़ी शिकायतें लगभग समाप्त हो गई हैं।
10 हजार राशन दुकानें बनेंगी अन्नपूर्णा भवन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 हजार से अधिक राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेता अब राशन वितरण के साथ निर्धारित 39 प्रकार की अन्य वस्तुओं की बिक्री भी कर सकेंगे। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, औसतन 100 कुंतल अनाज वितरण करने वाले विक्रेता की मासिक आय अब करीब 16,250 रुपये हो जाएगी।
किसानों की खरीद व्यवस्था का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले खाद्यान्न खरीद में भी बिचौलियों की भूमिका के कारण किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। वर्तमान सरकार धान, गेहूं, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की सीधे किसानों से खरीद कर रही है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
अन्नपूर्णा भवनों में बिकेंगे स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने उचित दर दुकानों और अन्नपूर्णा भवनों के माध्यम से स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक जिला, एक उत्पाद योजना के सामानों की बिक्री को भी इन केंद्रों से प्रोत्साहित किया जा सकता है। योगी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से कारीगरों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय, राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। राशन विक्रेता संगठनों के प्रतिनिधियों ने लाभांश बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद पत्र भी सौंपा।



