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अब चप्पल भी ढूंढेगा ChatGPT! महाकाल मंदिर में युवक ने आजमाया AI का गजब जुगाड़

डिजिटल डेस्कः AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं रह गया है। रोजमर्रा की छोटीबड़ी समस्याओं में भी लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन उज्जैन के महाकाल मंदिर से सामने आया एक मामला सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर रहा है। एक युवक ने मंदिर के बाहर खोई अपनी चप्पल ढूंढने के लिए ChatGPT की मदद ली और दावा है कि AI ने उसे चप्पल तक पहुंचने में मदद कर दी।

यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से सामने आया है, जिसे देखने के बाद लोग AI के इस्तेमाल के इस अनोखे तरीके पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

महाकाल के दर्शन के बाद गायब मिली चप्पल

गोवा के रहने वाले शुभांग बोरकर उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद जब वह मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें पता चला कि उनकी चप्पल वहां नहीं थी।

उन्होंने चप्पलों के बड़े ढेर में काफी देर तक अपनी चप्पल तलाशने की कोशिश की। लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी जब चप्पल नहीं मिली तो उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया।

https://twitter.com/stripathi56/status/2088625809972146202?s=20

फोन में मौजूद फोटो बना AI का सुराग

शुभांग के फोन में उनकी चप्पल की पहले से तस्वीर मौजूद थी। उन्होंने वही फोटो ChatGPT पर अपलोड की और अपनी चप्पल की पहचान से जुड़ी जानकारी भी दी।

बताया गया कि उन्होंने AI को चप्पल का रंग, डिजाइन, स्टाइल और साइज जैसी जानकारियां दीं। इसके बाद उन्होंने चप्पलों के ढेर की तस्वीरें ChatGPT को भेजकर अपनी चप्पल पहचानने में मदद मांगी।

ChatGPT ने अलगअलग एंगल से फोटो मांगी

बताई गई जानकारी के मुताबिक, ChatGPT ने चप्पलों के ढेर की अलगअलग एंगल से तस्वीरें देखने को कहा। इन तस्वीरों को देखने के बाद AI ने चप्पल की संभावित स्थिति के बारे में शुभांग को गाइड किया।

AI ने कथित तौर पर बताया कि चप्पल किस तरफ और किस हिस्से में, किन दूसरी चप्पलों के बीच दिखाई दे रही है। इसके बाद शुभांग ने बताए गए स्थान पर तलाश की और अपनी चप्पल ढूंढने में सफल रहे।

यानी जिस काम के लिए आमतौर पर व्यक्ति को पूरे चप्पलों के ढेर को बारबार खंगालना पड़ता, उसमें युवक ने AI की विजुअल क्षमता का इस्तेमाल किया।

वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने लिए मजे

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स ने इसे लेकर तरहतरह की प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने ChatGPT को लेकर मजाक किया तो किसी ने युवक के आइडिया की तारीफ की।

एक यूजर ने मजेदार अंदाज में कहा कि अब ChatGPT सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देता, बल्कि चप्पल भी ढूंढने लगा है।

वहीं एक अन्य यूजर ने पूछा कि यह ChatGPT का कौनसा एडवांस मॉडल है। कुछ लोगों ने शुभांग की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने AI का काफी क्रिएटिव इस्तेमाल किया।

एक यूजर ने भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि आने वाले समय में AI बड़े सवालों के जवाब देने के साथसाथ ऐसे रोजमर्रा के कामों में भी मदद करेगा।

हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे लेकर मजाक भी किया और कहा कि GenZ अब चप्पल ढूंढने जैसे काम भी ChatGPT से करवा रही है।

AI का ये इस्तेमाल क्यों है खास?

इस घटना की खासियत यह है कि यहां AI का इस्तेमाल किसी जटिल तकनीकी या प्रोफेशनल काम के लिए नहीं, बल्कि एक बेहद सामान्य रोजमर्रा की परेशानी को हल करने के लिए किया गया।

फोटो को समझने और उसमें मौजूद वस्तुओं की पहचान करने वाली AI क्षमताएं लगातार बेहतर हो रही हैं। ऐसे में किसी तस्वीर में खास वस्तु तलाशने, उसकी संभावित जगह बताने या विजुअल जानकारी को व्यवस्थित करने जैसे कामों में AI मददगार साबित हो सकता है।

हालांकि, तस्वीर की क्वालिटी, रोशनी, एंगल और वस्तुओं के एकदूसरे से ढके होने जैसी चीजों के कारण AI की पहचान हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों में AI के सुझाव को मदद के तौर पर लेना चाहिए, अंतिम प्रमाण के तौर पर नहीं।

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