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भगवान शिव के नाम पाती, पूरी होगी हर मनोकामना! जानें यूपी में कहां ये अनोखा शिव मंदिर, औरंगजेब ने भी किया था आक्रमण..

भगवान शिव के नाम पाती, पूरी होगी हर मनोकामना! जानें यूपी में कहां ये अनोखा शिव मंदिर, औरंगजेब ने भी किया था आक्रमण

प्रीति श्रीवास्तव/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों को लेकर तमाम तरह के चमत्कारों की कहानी सुनने में मिलती है. कहीं साक्षात शिव विराजमान बताए जाते हैं तो कहीं भगवान श्री कृष्ण अभी भी रासलीला करने आते हैं. कुछ ऐसी ही रोचक और अटूट आस्था का कहानी है लखनऊ के एक शिव मंदिर के बारे में. कहा जाता है कि इस मंदिर से भगवान शिव को पाती (चिट्ठी) भेजी जाती है.

कहां है अनोखा मंदिर और क्या है इतिहास भगवान शिव का यह अनोखा मंदिर काकोरी के टिकत गंज में गोला कुआं में स्थित है. इस मंदिर का इतिहास 350 साल पुराना है और बहुत ही रोचक है. बताया जाता है कि इस मंदिर को सेनापति टिकेत राय ने बनवाया था. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां जो भी मनोकामना मांगी जाती है वो पूरी होती है. लेकिन मनोकामना का तरीका थोड़ा निराला है. भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान शिव के द्वार पर एक पत्र (पाती) लिखते हैं, और उसे भगवान के चरणों में अर्पित कर देते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से भक्त की मनोकामना पूरी हो जाती है. यह परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही है.

औरंगजेब ने मंदिर पर किया था हमला इस मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता है कि जब औरंगजेब उत्तर भारत में मंदिरों पर आक्रमण कर रहा था तो उसकी सेना ने मंदिर में स्थापित नंदी की मूर्ति को खंडित कर दिया था, क्योंकि नंदी की मूर्ति पर सोने चांदी के जेवर जड़े हुए थे. औरंगजेब की सेना नंदी की मूर्ति को खंडित कर सोने-चांदी लूट कर ले गई थी. इसके बाद आज भी वह खंडित मूर्ति उसी अवस्था में मंदिर में विराजमान है. भक्त अब भी इस मूर्ति के दर्शन करने और पूजा के लिए आते हैं.

मंदिर के चमत्कार के बारे में कई कहानी लोग इस मंदिर के बारे में कई कहानियां सुनाते हैं. लोगों का कहना है कि जब उत्तर प्रदेश में बाढ़ आई थी तो एक 60 साल की महिला इस मंदिर में पहुंची, उसने पूजा अर्चना की और बगल से ही गुजर रही बेतवा नदी में कूद गई. लेकिन भगवान की भगवान की ऐसी महिमा रही कि वो महिला डूबी नहीं बल्कि एक किलोमीटर दूर तक बह गई जहां गांव वालों ने उसे सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया.

लोगों का कहना है कि वह महिला पानी में डूबी नहीं बल्कि पानी के ऊपर ही तैरती रही. काकोरी के इस मंदिर के बारे में ऐसी कई कहानी प्रचलित हैं जो गाहे-बगाहे सुनने को मिलती रहती हैं.

Disclaimer: यहां बताई गई सारी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इसकी विषय सामग्री और एआई द्वारा काल्पनिक चित्रण हैं

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