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कर्ज लेकर बेटे को विदेश भेजा, फिर आई मौत की खबर! शव घर पहुंचा तो बहन ने दी मुखाग्नि..

कर्ज लेकर भेजा था विदेश, अब शव लाने में बिक गया सबकुछ...विदेश भेजे इकलौते बेटे की मौत, बहन ने दी मुखाग्नि

यमुनानगर के गांव चांदपुर निवासी 22 वर्षीय निहाल सिंह की यूरोप के मॉल्डोवा में समुद्र में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। 9 महीने पहले ही परिवार ने 15 लाख रुपये का कर्ज लेकर निहाल को सुनहरे भविष्य की आस में

यमुनानगर के गांव चांदपुर निवासी 22 वर्षीय निहाल सिंह की यूरोप के मॉल्डोवा में समुद्र में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। 9 महीने पहले ही परिवार ने 15 लाख रुपये का कर्ज लेकर निहाल को सुनहरे भविष्य की आस में विदेश भेजा था। रविवार दोपहर करीब 2 बजे जब उसका शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। पिता के साये से पहले ही महरूम हो चुके इस इकलौते भाई का अंतिम संस्कार उसकी बड़ी बहन ने अश्रुपूरित आंखों से मुखाग्नि देकर किया।

निहाल के पिता कृष्ण कुमार की करीब 7 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद मां सुनीता देवी ने किराना दुकान और मेहनत-मजदूरी के सहारे निहाल और उसकी बहन का पालन-पोषण किया। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद मां ने रिश्तेदारों और जानकारों से 15 लाख रुपये उधार लेकर बेटे को स्टडी वीजा पर मॉल्डोवा भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि निहाल पढ़ाई के साथ कमाई कर कर्ज उतारेगा और मां-बहन का सहारा बनेगा।

चचेरे भाई प्रवीन कुमार ने बताया कि निहाल मॉल्डोवा के चिशिनाउ शहर में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने और परिवार की मदद के लिए वह एक होटल में डिलीवरी ब्वॉय की पार्ट टाइम नौकरी भी कर रहा था।

दोस्तों के साथ घूमने गया था समुद्र तट

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31 जुलाई को वीकेंड होने के कारण निहाल अपने दोस्तों के साथ समुद्र घूमने गया था। इस दौरान बोट डूबने से दर्दनाक हादसा हो गया और निहाल की पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मॉल्डोवा से निहाल के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने में ही करीब 10 लाख रुपये का खर्च आया। रविवार को जब उसका शव गांव पहुंचा तो मां सुनीता देवी बेसुध हो गईं और पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।

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