
बहराइच, संवाददाता। प्रेम के लिए सऊदी अरब में पति और 18 वर्षीय बेटे को छोड़कर भारत आई 40 वर्षीय शबाना की कहानी शनिवार रात दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गई। जिस प्रेमी के भरोसे उसने अपना घर-परिवार, पति और जवान बेटे तक को पीछे छोड़ दिया, उसी रिश्ते में जब धोखे और विवाद का सामना हुआ तो वह जिंदगी से हार गई। छह माह की मासूम बेटी को सीने से लगाए शबाना जरवलरोड रेलवे स्टेशन पहुंची और ट्रेन के सामने कूदकर अपनी और मासूम की जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया। वह मौत की ओर कदम बढ़ा ही रही थी कि प्लेटफार्म पर मौजूद जरवलरोड निवासी महिलाओं की नजर उस पर पड़ गई। महिलाओं ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और मासूम समेत बचा लिया। इसके बाद शबाना ने जो दर्दभरी दास्तान सुनाई, उसे सुनकर मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें भर आईं।
शबाना का परिवार
बताया जाता है कि तेलंगाना के हैदराबाद निवासी शबाना की शादी सऊदी अरब में एक शेख से हुई थी। उसका 18 वर्षीय बेटा सैफ भी उसके साथ रहता था। सऊदी में शेख के यहां नौकरी करने वाले जरवलरोड थाना क्षेत्र के ग्राम खिदरापुर निवासी नदीम से उसकी मुलाकात हुई। मुलाकात धीरे-धीरे नजदीकियों और फिर प्रेम में बदल गई। प्यार के आगे शबाना ने अपना परिवार तक पीछे छोड़ दिया और करीब 10 माह पहले सब कुछ छोड़कर नदीम के साथ खिदरापुर आ गई।
रिश्ते में तनाव
लेकिन यहां पहुंचने के बाद उसके सपनों का संसार बिखर गया। उसे पता चला कि जिस नदीम के प्रेम में उसने सब कुछ छोड़ दिया, वह पहले से ही उज्मा नाम की महिला से शादीशुदा है। इसके बाद रिश्ते में तनाव बढ़ता गया। शनिवार रात करीब सात बजे दोनों के बीच विवाद हुआ। आहत शबाना छह माह की बच्ची को लेकर जरवलरोड रेलवे स्टेशन पहुंची और मौत को गले लगाने का मन बना लिया।
बचाव की दास्तान
कुछ पलों की सजगता ने बचा ली दो जिंदगियां।
प्लेटफार्म पर मौजूद महिलाओं ने समय रहते महिला को रोक लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस महिला और बच्ची को सुरक्षित थाने ले गई। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि महिला को सुरक्षित पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है और पूरे मामले की जानकारी जुटाते हुए पूछताछ की जा रही है।



