
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें दर्द, संघर्ष और कामयाबी तीनों शामिल हैं। IPS अधिकारी बजरंग प्रसाद के पिता राजेश कुमार यादव की वर्ष 2020 में जमीन विवाद के दौरान हत्या कर दी गई थी। उस समय बजरंग दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहे थे। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बने।
अब पिता की हत्या के करीब छह साल बाद अदालत ने इस मामले में 9 दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 7,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पिता की हत्या के वक्त दिल्ली में थे बजरंग
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 9 अगस्त 2020 को बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के धोबहट गांव में खेत में विवाद के बाद मारपीट हुई थी। इसी दौरान बजरंग प्रसाद के पिता राजेश कुमार यादव को रास्ते में घेरकर उन पर हमला कर दिया गया।
गंभीर रूप से घायल राजेश यादव को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में बजरंग के भाई अंबिका प्रसाद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
उस समय बजरंग दिल्ली में रहकर UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। पिता की मौत की खबर ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।
मां ने बेटे को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया
पिता की मौत के बाद बजरंग की मां उनके लिए मजबूत सहारा बनीं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बेटे को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया, ताकि परिवार की मुश्किलों के बीच उसका सपना अधूरा न रह जाए।
बजरंग ने भी पूरी मेहनत के साथ तैयारी जारी रखी। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और 454वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की।
इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ और वह 2023 बैच के यूपी कैडर के IPS अधिकारी बने।
छह साल बाद अदालत ने सुनाई सजा
पिता की हत्या के मामले में अब अदालत का फैसला आया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, बस्ती की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए 9 आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 7,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
फैसले के बाद बजरंग प्रसाद ने सोशल मीडिया पर अपने पिता की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनके पिता की हत्या के मामले में सभी 9 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है।
पिता को इंसाफ मिलने पर लिखा- ‘सत्यमेव जयते’
अदालत के फैसले के बाद IPS बजरंग प्रसाद ने पिता की तस्वीर के साथ ‘सत्यमेव जयते’ लिखा। छह साल पहले जिस बेटे ने अपने पिता को खोया था, वह आज खुद पुलिस अधिकारी बनकर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहा है।
यह कहानी सिर्फ एक हत्या के मामले का फैसला नहीं, बल्कि उस बेटे के संघर्ष की कहानी भी है जिसने परिवार के सबसे कठिन दौर में भी अपने सपने को मरने नहीं दिया।



