
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित चोरी मामले में SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ चोरी का मामला नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के दरबार और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार भले ही किसी को बचा ले, लेकिन इस मामले का असर अयोध्या की छवि और लोगों की धार्मिक भावनाओं पर पड़ा है।
‘यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मामला’
सपा सांसद ने कहा कि वह इस मामले को लगातार सदन में उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री से भी इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की उम्मीद थी।
धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि जबजब धर्म की हानि होती है, तब कोई न कोई शक्ति सामने आती है। उनका कहना था कि जिम्मेदार लोगों को हमेशा बचाया नहीं जा सकता और समय आने पर उन्हें सजा मिलेगी।
SIT रिपोर्ट पर उठाए सवाल
SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दिए जाने को लेकर अवधेश प्रसाद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी निष्पक्षता के साथ जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़ा कोई भी मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे जुड़ता है, इसलिए पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच और वास्तविक तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
IPS की मां की मौत को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
अंबेडकरनगर में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां की मौत को लेकर भी अवधेश प्रसाद ने सवाल उठाए। उन्होंने मृतका के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह उनसे पहले मिल चुकी थीं और उन्हें आशीर्वाद देने के साथ अपने हाथों से भोजन भी कराया था।
पुलिस की ओर से मौत का कारण हार्ट अटैक बताए जाने पर सपा सांसद ने सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि मृतका के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और आभूषण भी गायब थे।
अवधेश प्रसाद ने मामले को तोड़मरोड़कर पेश करने के बजाय निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए और यदि कोई जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सपा सांसद ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की भी मांग की।
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