
कर्नाटक के कोलार जिले से साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम) का झांसा देकर और जमा राशि को दोगुना करने का लालच देकर 7 से 8 हजार मासूम लोगों से 50 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है और गिरोह के सरगना पति-पत्नी समेत चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
‘श्री कालिकादेवी एंटरप्राइजेज’ के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा
यह पूरा फर्जीवाड़ा ‘श्री कालिकादेवी एंटरप्राइजेज’ नाम की एक संस्था के जरिए चलाया जा रहा था। कोलार और बेंगलुरु के अलावा पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी इसकी शाखाएं खोलकर लोगों को अपने जाल में फंसाया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भूमि किरण शेट्टी (28 वर्ष), आरती (23 वर्ष), राम्या और वेंकटचलपति उर्फ स्वामी शामिल हैं। मुख्य आरोपी किरण और आरती इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं।
इस तरह दिया जाता था ठगी के इस खेल को अंजाम
आरोपी किरण और आरती लोगों को ब्लो टॉर्च, मोमबत्ती और पेपर प्लेट जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पैकिंग का काम घर बैठे देने का वादा करते थे। पैकिंग का काम और मोटा कमीशन देने के एवज में ग्राहकों से प्रति व्यक्ति लाखों रुपये का एडवांस डिपॉजिट जमा करवाया जाता था। शुरुआत में लोगों का भरोसा जीतने के लिए कुछ रिफंड या कमीशन दिया गया, लेकिन जैसे ही करोड़ों रुपये जमा हो गए, आरोपियों ने भुगतान करना बंद कर दिया और दफ्तरों में ताले लगाकर फरार होने लगे। अकेली बूदिकोटे और देब्बनहल्ली शाखा के मैनेजर वेंकटचलपति ने ही 1,121 लोगों से 10.53 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे।
350 से अधिक शिकायतें दर्ज, पीड़ित परिवारों में मचा हाहाकार
जब ग्राहकों को लंबे समय तक अपने पैसे वापस नहीं मिले, तो संदिग्ध परिस्थितियों को देखकर वे सड़कों पर उतर आए और पुलिस थानों का रुख किया। कोलार के गलपेट, बूदिकोट तथा बेंगलुरु के चिक्कजाला, देवनहल्ली और डोड्डाबल्लापुर ग्रामीण थानों में दर्जनों एफआईआर दर्ज की गई हैं। अकेले गलपेट थाने में 350 से ज्यादा पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है, जहां शुरुआती जांच में 6 करोड़ रुपये से अधिक के गबन की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश भी तेजी से कर रही है।



