
उत्तर प्रदेश से रिश्तों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। शादी को अभी महज तीन महीने ही हुए थे, लेकिन नवविवाहिता ने अपने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है।
मामला जब गांव की पंचायत तक पहुंचा तो वहां ऐसा फैसला लिया गया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। पंचायत ने महिला और उसके प्रेमी की इच्छा के मुताबिक दोनों को साथ रहने की अनुमति दे दी।
तीन महीने पहले हुई थी शादी
मामला मनियर थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया जा रहा है। युवती की शादी करीब तीन महीने पहले हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद पति को पत्नी के किसी दूसरे युवक से संबंध होने की जानकारी मिली।
इसके बाद घर में विवाद शुरू हो गया। पति ने जब पत्नी से इस बारे में सवाल किया तो मामला और बिगड़ गया। आखिरकार पति ने पंचायत बुलाकर पत्नी से अलग होने की इच्छा जताई।
पंचायत में पहुंचा पति-पत्नी का विवाद
गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। पंचायत के सामने महिला ने कथित तौर पर साफ कहा कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती और अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है।
दूसरी तरफ पति भी इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं था। इसके बाद पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनी गई।
पंचायत ने लिया चौंकाने वाला फैसला
पंचायत में मौजूद लोगों के सामने यह फैसला लिया गया कि अगर महिला और उसका प्रेमी अपनी इच्छा से साथ रहना चाहते हैं तो उन्हें साथ रहने दिया जाए।
इसके बाद पंचायत की कार्यवाही से जुड़ा दस्तावेज तैयार किया गया और उसमें मौजूद लोगों के हस्ताक्षर भी कराए गए। महिला को उसके परिजनों के साथ वहां से भेज दिया गया।
ग्राम प्रधान ने भी दी फैसले की जानकारी
ग्राम प्रधान के मुताबिक, पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। उनका कहना था कि महिला और उसका प्रेमी दोनों साथ रहना चाहते थे, इसलिए पंचायत में इसी आधार पर फैसला लिया गया।
हालांकि, इस तरह के पंचायत फैसले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर एक वैवाहिक विवाद में पंचायत को इस तरह का फैसला सुनाने का अधिकार किस हद तक है।



