उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीने बाकी है. लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हमलों का सिलसिला चल निकला है. अखिलेश यादव ने पिछले दिनों जयंत चौधरी का नाम लिए बगैर ही ‘चवन्नी’ कहकर उन पर तंज कसा था. उनके इस कमेंट के बाद राष्ट्रीय लोक दल पार्टी, पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ हमलावर हो गई तो जाट समाज ने उनका पुतला जलाया. अब RLD के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें इस तरह की टिप्पणी से बचना चाहिए. मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए.

राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष राजा ऐश्वर्य राज सिंह ने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा, “उन्हें ऐसी अनर्गल भाषा के इस्तेमाल से बचना चाहिए. उन्हें मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए. और ऐसी टिप्पणियां उन्हें नहीं करनी चाहिए.”
‘चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से निकली SP’
ऐश्वर्य राज सिंह ने आगे कहा, “उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनकी जो समाजवादी पार्टी है वो कहीं न कहीं चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से निकले हुए हैं. उन्हें अपने पिता मुलायम सिंह यादव को भी याद रखना चाहिए. उनके आदर्शों और लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए क्योंकि जब चौधरी चरण सिंह थे तो उन्हीं का सानिध्य मिलता था. और लोकदल से ही समाजवादी पार्टी उत्पन्न हुई है.”
“मुझे लगता है कि उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए. समीकरण बनते और बिगड़ते रहते हैं, और राजनीतिक में आपसी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कभी भी आपस में मनभेद नहीं होना चाहिए. हम लोगों ने काफी समय समाजवादी पार्टी के साथ बिताया है. हमारे नेता जयंत चौधरी ने इस तरह की टिप्पणी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए की ही नहीं.”
जयंत को लेकर अखिलेश यादव ने क्या कहा था
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी और उनकी पार्टी आरएलडी पर निशाना साधते हुए कहा था, “जाने कहांकहां से आ गए लोग गठबंधन बनाने. हमने चवन्नी का रुपया बना दिया था, तब भी हमें छोड़ कर चले गए वो.”
अखिलेश ने यह भी कहा कि कई लोगों ने समाजवादी पार्टी छोड़ दी, लेकिन उनकी पार्टी ने ‘जनता के साथ गठबंधन करने, सामाजिक न्याय स्थापित करने, लोगों पर भरोसा करने, उन्हें सम्मान देने और जनता हमारा समर्थन करेगी’ का संकल्प लिया है.
2022 में SP छोड़ NDA के साथ आ गए थे जयंत
सपा प्रमुख की यह टिप्पणी अप्रत्यक्ष रूप से 2022 के पिछले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान जयंत चौधरी की ‘चवन्नी’ से जुड़ी टिप्पणी को लेकर थी, तब उन्होंने सपा के साथ रहते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रस्तावों को खारिज कर दिया था, उन्होंने कहा था कि वह ‘चवन्नी’ नहीं हैं जिसे आसानी से ‘पलटा’ जा सके.
लेकिन इसके कुछ समय बाद जयंत चौधरी बाद में बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हो गए थे और अभी वह नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी हैं.
इसी तरह उत्तर प्रदेश के मंत्री और आरएलडी नेता अनिल कुमार ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान ‘अत्यधिक आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण’ है और यह आरोप भी लगाया कि यह न केवल जयंत चौधरी का अपमान है, बल्कि चौधरी चरण सिंह और पूरे किसान समुदाय की विचारधारा का भी अपमान है.
अनिल कुमार ने कहा, “समाजवादी पार्टी के लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि आज की यह समाजवादी पार्टी के राजनीतिक अस्तित्व में चौधरी चरण सिंह परिवार के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है.”



