
Shakun Apshakun: हिंदू धर्म शास्त्रों में सामुद्रिक शास्त्र का भी अपना एक अलग स्थान और महत्व है. इस शास्त्र में शरीर के विभिन्न अंगों की बनावट और अंग फड़कने से जुड़े शकुन-अपशकुनों के बारे में विस्तार से बताया गया है. आमतौर पर लोग नाक के फड़कने को एक शारीरिक क्रिया मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ज्योतिष और अंग शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे गहरे अर्थ छिपे होते हैं. अंगों के फड़कने से मिलने वाले संकेत भविष्य को लेकर खास संदेश देते है. सामुद्रिक शास्त्र में नाक फड़कने से मिलने वाले शकुन और अपशकुनों के बारे में वर्णन मिलता है. ऐसे में चलिए जानते हैं नाक के अलग-अलग हिस्सों के फड़कने का क्या महत्व है और इससे जुड़े शकुन या अपशकुन क्या हैं.
दायीं तरफ की नाक का फड़कना
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की नाक का दायां हिस्सा फड़कता है, तो इसके दो अर्थ हो सकते हैं. कुछ मान्यताओं के अनुसार, यह किसी व्यक्ति के साथ तीखी बहस या झगड़े का संकेत हो सकता है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से व्यापारियों के लिए यह अत्यंत शुभ माना जाता है. यह इस बात का संकेत है कि आपके व्यवसाय में आमदनी के नए स्रोत बनने वाले हैं और भारी आर्थिक लाभ होने की संभावना है.
बायीं नाक का फड़कना
सामुद्रिक शास्त्र में नाक के बाएं हिस्से में होने वाली हलचल को जीवन में सकारात्मक बदलाव से जोड़कर देखा गया है.यह इस बात का संकेत हो सकता है कि समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा और आपको ख्याति प्राप्त होगी. वहीं, अगर नाक का बायां कोना फड़कता है, तो यह संतान पक्ष की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिलने का संकेत देता है.
नाक के अन्य हिस्सों में हलचल का संकेत
नाक के अलग-अलग हिस्सों की फड़कन अलग-अलग संदेश देती है. अगर नाक के सामने वाले हिस्से में फड़फड़ाहट हो, तो इसे चेतावनी के रूप में लेना चाहिए. यह किसी बड़ी परेशानी या स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. जबकि, नथुनों का फड़कना आर्थिक नजरिए से बहुत शुभ माना जाता है. यह धन के आगमन का संकेत है. अगर नाक के भीतर हलचल महसूस हो, तो समझ लें कि आपको जल्द ही कोई बड़ा सुख या विलासिता की चीज मिलने होने वाली है. इसके अलावा आंखों के बीच नाक की जड़ वाले हिस्से का फड़कना अच्छा नहीं माना जाता. यह किसी करीबी व्यक्ति के साथ बड़े मनमुटाव या संघर्ष की ओर इशारा करता है.
लिंग के आधार पर शुभ-अशुभ का अंतर
अंग शास्त्र में एक महत्वपूर्ण नियम बताया गया है जिसे ध्यान में रखना जरूरी है. पुरुषों के लिए शरीर के दाएं अंगों का फड़कना आमतौर पर शुभ और बाएं अंगों का फड़कना अशुभ माना जाता है. जबकि, महिलाओं के मामले में यह नियम उल्टा होता है. उनके लिए बाएं अंगों का फड़कना शुभ शकुन का संकेत देता है. जबकि, दाएं अंगों की हलचल अशुभ मानी जाती है.



