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सावन की दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा-लक्ष्मी को करें प्रसन्न, धन और सुख-समृद्धि के लिए आजमाएं ये आसान उपाय..

Masik Durga Ashtami 2026: सावन मास की दुर्गाष्टमी इस बार 20 अगस्त 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से साहस, आत्मविश्वास और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का आशीर्वाद मिलता है। वहीं मां लक्ष्मी की आराधना धन-समृद्धि और सुख की कामना के लिए की जाती है।

मां दुर्गा को चढ़ाएं लाल फूल, लक्ष्मी जी को कमल

दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा को लाल गुड़हल या कोई अन्य लाल फूल अर्पित करें। वहीं मां लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाएं। पूजा के दौरान परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करें।

धन-समृद्धि के लिए करें ये उपाय

मान्यता है कि स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए पान के पत्ते में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर मां दुर्गा को अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा के साथ इस उपाय को करने से धन-समृद्धि के योग बनने की मान्यता है।

शाम को जलाएं घी का दीपक

गुरुवार की शाम पूजा स्थल पर मां दुर्गा और मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं। ज्योतिषीय मान्यताओं में गुरुवार को दीपदान को गुरु ग्रह से जुड़े शुभ प्रभावों के लिए लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि गुरु की स्थिति मजबूत होने से ज्ञान, भाग्य और तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

दुर्गा चालीसा और लक्ष्मी मंत्र का जाप

अगर आप दुर्गाष्टमी का व्रत रखते हैं तो सुबह स्नान के बाद मां दुर्गा की पूजा करें और दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें। मां लक्ष्मी की कृपा के लिए ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा है।

मां को लगाएं पसंदीदा भोग

मां दुर्गा को हलवा, चना और पूड़ी का भोग लगाने की परंपरा है। वहीं मां लक्ष्मी को खीर, सफेद मिठाई या मखाने का भोग अर्पित किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा से भोग लगाने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

कन्याओं को कराएं भोजन

दुर्गाष्टमी पर छोटी कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराने की भी परंपरा है। उन्हें फल, मिठाई या जरूरत की उपयोगी वस्तुएं उपहार में दी जा सकती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।

नोट: ये उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके परिणामों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।

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