चंडीगढ़ : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अहम बैठक में शामिल नहीं हुए। चन्नी ने अपनी गैरमौजूदगी की वजह उसी दिन होने वाली PhD परीक्षा को बताया। उनका कहना है कि परीक्षा पहले से निर्धारित थी, जिसके चलते वह दिल्ली में आयोजित बैठक में हिस्सा नहीं ले सके।

हालांकि, पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बीच चन्नी की गैरमौजूदगी ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
परीक्षा की तारीख को लेकर उठे सवाल
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चन्नी जिस पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन/पब्लिक पॉलिसी की परीक्षा का हवाला दे रहे हैं, उसके कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विरोधी खेमे का दावा है कि परीक्षा बुधवार या उसके तत्काल आसपास नहीं थी और ऐसे में चन्नी दिल्ली पहुंचकर CWC बैठक में शामिल हो सकते थे।
यही वजह है कि पार्टी के भीतर एक धड़ा उनकी गैरमौजूदगी को महज परीक्षा से जोड़कर नहीं देख रहा। इसे कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनके संबंधों और पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी चन्नी की अनुपस्थिति पर तंज कसते हुए कहा, “हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। ईश्वर करे कि वे अपनी PhD पूरी करें और डॉक्टर बन जाएं।”
राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले बढ़ी हलचल
चन्नी की CWC बैठक से दूरी ऐसे समय सामने आई है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे की चर्चा है। प्रस्तावित दौरे के दौरान राहुल गांधी के श्री हरिमंदिर साहिब जाने के साथसाथ पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेदों को दूर करने की कोशिश किए जाने की संभावना है।
पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक आने के साथ पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व, संगठन और राजनीतिक प्रभाव को लेकर खींचतान और तेज हो सकती है। वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता और उनके दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ संबंध इस पूरे राजनीतिक समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
चन्नी खेमे ने दी सफाई
वहीं, चन्नी के करीबी नेताओं का कहना है कि CWC बैठक में उनकी अनुपस्थिति का पार्टी नेतृत्व से नाराजगी से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, परीक्षा पहले से तय थी और इसी वजह से वह बैठक में शामिल नहीं हो सके।
फिलहाल चन्नी ने अपनी ओर से गैरमौजूदगी का कारण स्पष्ट कर दिया है, लेकिन परीक्षा के कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों ने पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।



