
बैंक नीलामी में कम कीमत पर मिलने वाली प्रॉपर्टी कई लोगों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता. अमेरिका के कनेक्टिकट में एक व्यक्ति के साथ ऐसा मामला सामने आया, जिसने सस्ती कीमत पर एक घर खरीदने का फैसला तो कर लिया. लेकिन चाबी मिलने के बाद जब पहली बार वो शख्स घर के अंदर पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर डर से उसके चीख निकल गए. घर के भीतर तीन लोगों के कंकाल पड़े मिले, जिसके बाद यह मामला पुलिस जांच का विषय बन गया. यह घर एडवर्ड मार्चियन ने बैंक की फोरक्लोजर नीलामी के जरिए खरीदा था. नीलामी की शर्तों के अनुसार किसी भी खरीदार को पहले घर के अंदर जाकर देखने की अनुमति नहीं थी. बाहर से मकान सामान्य और अच्छी स्थिति में दिखाई दे रहा था, इसलिए एडवर्ड ने इस पर बोली लगा दी.
जानकारी के मुताबिक, इस प्रॉपर्टी की बाजार कीमत करीब 6 करोड़ 40 लाख रुपये थी. एडवर्ड ने इसे लगभग 5 करोड़ की बोली लगाकर इसे अपने नाम कर लिया. इसके अलावा उन्होंने करीब 80 लाख रुपये एडवांस के तौर पर भी जमा किए थे. उन्हें लगा कि उन्हें बाजार से कम कीमत में अच्छी प्रॉपर्टी मिल गई है. लेकिन घर का ताला खुलते ही पूरी तस्वीर बदल गई. अंदर का भयावह नजारा देखकर वो डर गए और चीख पड़े. दरअसल, घर के अंदर तीन लोगों के कंकाल मिले. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. शुरुआती जांच में दो शवों की पहचान सैली ऐनी कैश और उनके 23 वर्षीय बेटे ब्रायन कैश के रूप में हुई है. तीसरे व्यक्ति की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है. रिकॉर्ड के अनुसार, सैली और उनके पति पॉल कैश ने यह घर साल 2019 में खरीदा था.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनकी मौत कब हुई और इसकी वजह क्या थी. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में किसी बाहरी हमले या जबरन घुसने के संकेत नहीं मिले हैं. कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के रिसाव जैसी आशंका भी अब तक सामने नहीं आई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फिलहाल आम लोगों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं माना जा रहा. इस घटना के बाद आसपास रहने वाले लोग भी हैरान हैं. पड़ोसियों का कहना है कि लंबे समय से यह घर वीरान पड़ा था. अब जब अंदर की सच्चाई सामने आई है, तो लोग इस मकान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. दूसरी ओर, एडवर्ड मार्चियन ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की है कि जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और सौदे की अंतिम प्रक्रिया रोक दी जाए. उनका कहना है कि जांच पूरी होने से पहले घर का कब्जा लेना उचित नहीं होगा.
दिलचस्प बात यह है कि इस प्रॉपर्टी में सिर्फ एडवर्ड ही नहीं, बल्कि करीब 20 लोगों ने दिलचस्पी दिखाई थी. दो एकड़ से ज्यादा जमीन पर बना यह केप कॉड शैली का घर बाहर से शानदार दिखता है. हालांकि, नीलामी के नियमों की वजह से किसी को भी इसके अंदर जाकर देखने की परमिशन नहीं मिली थी. इस बारे में वकील क्रिस्टोफर थॉगमार्टिन ने कहा कि घर पर बकाया लोन उसकी असल कीमत की तुलना में काफी कम था. ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर परिवार अचानक कहां चला गया. अदालत के रिकॉर्ड बताते हैं कि मकान मालिकों ने 2024 के आखिर में हर महीने करीब 3 लाख रुपए की किस्त चुकानी बंद कर दी थी. इसके बाद अगस्त 2025 में बैंक ने फोरक्लोजर की कार्रवाई शुरू की. बैंक को लगा था कि परिवार घर खाली कर चुका है, लेकिन अंदर जो मिला उसने पूरे मामले को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया. तीसरे कंकाल की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी.



