
महाराष्ट्र के बीड जिले से मेडिकल लापरवाही का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर जब उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया, तो जांच के दौरान जो सामने आया उसने परिवार को हैरान कर दिया।
बताया जा रहा है कि बीड की रहने वाली संध्या सूरज गायकवाड़ का 1 अगस्त को जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। डिलीवरी के बाद महिला को करीब चार दिन अस्पताल में रखा गया और फिर छुट्टी दे दी गई।
घर पहुंचने के बाद संध्या को लगातार पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार के मुताबिक, दवाइयों और इलाज के बावजूद जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच की और महिला को आगे के इलाज के लिए पुणे के ससून अस्पताल रेफर किया गया।
परिवार का दावा है कि ससून अस्पताल में हुई दूसरी सर्जरी के दौरान महिला के पेट से एक ग्लव और पेपर टिश्यू मिला। इसके बाद परिजनों ने पहले हुए ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संध्या की मां का कहना है कि बच्चा पैदा होने के बाद भी उनकी बेटी की हालत इतनी खराब हो गई कि वह अपने नवजात बच्चे को ठीक से गोद में तक नहीं उठा पा रही है। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान कथित तौर पर पेट के अंदर बाहरी सामान रह जाने की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
महिला के पति सूरज गायकवाड़ ने भी अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर ऑपरेशन के बाद पेट के अंदर कोई सामान नहीं छूटा होता, तो उनकी पत्नी को इतनी तकलीफ नहीं झेलनी पड़ती।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित डॉक्टर और स्टाफ सदस्यों को नोटिस जारी किया है। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला के पेट में ग्लव और पेपर टिश्यू कैसे पहुंचे और इसके लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है।
फिलहाल महिला का इलाज जारी है और परिवार अपनी बेटी की हालत को लेकर बेहद चिंतित है। नवजात बच्चे को जन्म देने के बाद मां का इस तरह गंभीर रूप से बीमार पड़ना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है।



