
आज के समय में भले ही महिलाएं अपने दम पर हर मुकाम हासिल कर रही हैं, लेकिन शादी के मार्केट में आज भी पुरानी सोच का दबदबा कायम है. चीन के एक फेमस ब्राइड मार्केट से सामने आए इस वीडियो ने इसी कड़वी सच्चाई को दिखाया है. यहां एक 38 साल की महिला अपने लिए लाइफ पार्टनर ढूंढने आई थी, लेकिन स्ट्रांगली फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट होने के बाद भी उसका दिल टूट ही गया.
58 लाख का पैकेज भी नहीं दिला पाया जीवनसाथी (High Salary of 58 Lakhs Fails to Find Match)
वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि, महिला काफी एजुकेटेड है और एक बड़ी कंपनी में काम करती है. उसके पास अपना घर, शानदार कार और करीब 58 लाख रुपये का सालाना पैकेज है, लेकिन जब वो अपनी डिटेल्स लेकर मंडी में पहुंची, तो वहां मौजूद लड़कों और उनके फैमिली मेंबर्स ने उसकी एज सुनते ही शादी से मना कर दिया. इस सोशल शेमिंग (Social Shaming) और रिजेक्शन से दुखी होकर वो सबके सामने ही फफक-फफक कर रो पड़ी.
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क्या है चीन का ‘ब्राइड मार्केट’ और कैसे करता है काम? (What is China’s ‘Bride Market’ and How Does Work?)
चीन का ब्राइड मार्केट (Marriage Market) पब्लिक पार्कों में लगने वाला एक ट्रेडिशनल मार्केट है, जहां पैरेंट्स अपने बैचलर (Bachelor) बच्चों (खासकर 25 से 30 साल से अधिक उम्र के) के लिए लाइफ पार्टनर की तलाश करते हैं. सबसे फेमस ब्राइड मार्केट शंघाई के पीपुल्स पार्क (People’s Park) में हर वीकेंड को ये लगता है. यहां काम करने का तरीका बेहद यूनिक है. पैरेंट्स एक छाते पर अपने बेटे या बेटी का पूरा बायोडाटा (जैसे एज, हाइट, एजुकेशन, जॉब, सैलरी, घर और कार की डिटेल) कागज पर लिखकर टांग देते हैं. इसके बाद वो पार्क में घूम-घूमकर दूसरे बायोडाटा पढ़ते हैं. आपस में बातचीत करते हैं और सब कुछ मैच होने पर ही बात आगे बढ़ाते हैं, लेकिन यहां यूथ और कम उम्र की महिलाओं को पहली प्राथमिकता मिलती है, जबकि 30 पार कर चुकी सक्सेस महिलाओं को शेंग नू (Sheng Nu) यानी ‘लेफ्टओवर वुमन’ मानकर अक्सर रिजेक्ट कर दिया जाता है.
इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस छिड़ गई कि, ‘समाज में महिलाओं की सक्सेस को शादी के बीच क्यों लाया जाता है. कई लोगों ने महिला का सपोर्ट करते हुए कहा कि, ‘एज के आधार पर किसी की कैपेबिलिटी को रिजेक्ट गलत है.’ वहीं कुछ लोग ट्रेडिशन सोच का बचाव करते दिखे कि, ‘शादी में उम्र और परिवार बसाने की कैपेसिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है.’



