
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अक्सर फर्जी कॉल और ऑफर का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। प्रतिष्ठित जॉब पोर्टलों के नाम का इस्तेमाल कर एक गिरोह लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
मामले का खुलासा साइबर क्राइम पुलिस की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए गए।
नामी जॉब पोर्टलों के नाम पर करते थे संपर्क
जांच में पता चला कि आरोपी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन करके बताया जाता था कि उनके लिए नौकरी का ऑफर आया है। बातचीत के दौरान आरोपियों की तरफ से खुद को नौकरी दिलाने वाली कंपनी या एजेंसी से जुड़ा बताया जाता था।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी मनी और ऑफर लेटर जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। बेरोजगार युवक नौकरी की उम्मीद में आरोपियों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर देते थे।
पैसे मिलते ही ठग अपना मोबाइल बंद कर देते या पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। इस तरह नौकरी की उम्मीद लेकर फोन उठाने वाले लोगों को कुछ ही देर में हजारों रुपये का चूना लग जाता था।
एक पीड़ित से 22 हजार रुपये से ज्यादा की ठगी
पुलिस की पूछताछ में एक मामले का भी पता चला, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 22,480 रुपये वसूले गए थे। साइबर अपराध से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में रहने वाले नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बना रहा था।
महिलाओं की भी थी भूमिका
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। वे कॉल सेंटर की तरह लोगों से बातचीत करती थीं और नौकरी के नाम पर उन्हें भरोसे में लेने की कोशिश करती थीं।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम जुटाई।
नौकरी के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर नौकरी के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगने वालों की अच्छी तरह जांच करें।
अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को ट्रेस करने और कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।



